झांसी में एक बार फिर साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के नाम पर ठगों ने मऊरानीपुर के 30 वर्षीय शिवम सोनी से लगभग 7.96 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने कार जीतने का झांसा देकर उनसे कागजी कार्रवाई, टैक्स और सेफ्टी चार्ज के नाम पर लगातार पैसे वसूलते रहे। मामले की शिकायत साइबर थाना झांसी में दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कॉल के जरिए फंसाया गया युवक
23 अगस्त 2025 को शिवम सोनी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पहले KYC विभाग का कर्मचारी और फिर KBC टीम का सदस्य बताकर कहा कि शिवम ने महंगी कार जीत ली है। ठग ने शिवम से पूछा कि वह कार लेना चाहते हैं या नकद पुरस्कार पसंद करेंगे। शिवम ने नकद राशि लेने की इच्छा जताई।
ठगों ने पहले 1,500 रुपये जमा करवाए और कागजी कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन और कार्ड शुल्क का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार सेफ्टी फीस, सिक्योरिटी चार्ज और टैक्स के नाम पर पैसे मांगते रहे।
8 लाख रुपये तक पहुंचा धोखाधड़ी का शिकार
ठगों की बातों में विश्वास कर शिवम ने पहले 13,000 रुपये, फिर उसी दिन लगभग 90,000 रुपये ट्रांसफर किए। ठगों ने भरोसा दिलाया कि अगली सुबह पूरी राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी। जब तय समय पर पैसे नहीं आए और शिवम ने संपर्क किया, तो ठगों ने नया बहाना बनाया कि रकम ‘सेफ्टी लॉकर’ में फंसी है और उसे रिलीज कराने के लिए और पैसे जमा करने होंगे।
डर और विश्वास के चलते शिवम ने अपने एसबीआई खाते और अपनी मां के खाते से कई किस्तों में कुल 7,96,200 रुपये ठगों को भेज दिए। कुछ समय बाद कॉल कट गई और तब शिवम को एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
साइबर थाना में दर्ज हुई शिकायत
ठगी का पता चलने पर शिवम तुरंत साइबर क्राइम थाना झांसी पहुंचे। पहले उनके छोटे चचेरे भाई ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को शिवम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंपते हुए ठगी गई राशि की बरामदगी की मांग की। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
ऐसे कॉल से बचाव करें
अज्ञात नंबर से कॉल में तुरंत विश्वास न करेंI यदि कोई आपको KBC, बैंक या सरकारी संस्था का कर्मचारी बताकर पुरस्कार का दावा करे, तो पहले कॉल सत्यापित करें।
-
पर्सनल जानकारी साझा न करें – OTP, बैंक डिटेल या कार्ड जानकारी किसी को न दें।
-
थोड़ा सोचें, जल्दी जवाब न दें – ठग अक्सर डर और लालच के जरिए फंसाते हैं।
-
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें – SMS या व्हाट्सऐप लिंक से सावधान रहें।
स्मार्टफोन में सेटिंग्स करें
-
स्पैम कॉल ब्लॉकर चालू करें।
-
अनजाने नंबर से आने वाले कॉल को ऑटोमैटिक ब्लॉक करें।
-
बैंक और सरकारी संस्था की वैरीफाइड ऐप ही इस्तेमाल करें।

