भारत और बेल्जियम के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी है। इनमें रक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों का जिक्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दिन भारत-बेल्जियम संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करेगा। दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली बार हुई इस मुलाकात ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा दी है।
द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती
पिछले दिनों पीएम मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने रक्षा-सुरक्षा सहयोग को इन संबंधों की नींव बताया और कहा कि सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण पहलों को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह दोनों देशों के बीच प्राकृतिक साझेदारी को दर्शाता है।
ऐतिहासिक संबंधों की याद
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक संबंधों को याद किया, जिसमें प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस शामिल है। उन्होंने कहा कि यह हमारे साझा इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आज भी हमारे रिश्तों को मजबूत बनाता है।
निवेश और व्यापार में तेजी
पीएम मोदी ने कहा कि बेल्जियम की कंपनियों के लिए भारत में निवेश के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म की स्थापना की गई है। इसके साथ ही भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम को एक नियमित तंत्र बनाने का फैसला भी लिया गया है। अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
मिलिटरी एक्सचेंज को बढ़ावा
दुनिया में बढ़ते सुरक्षा मुद्दों के मद्देनजर, पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच मिलिटरी एक्सचेंज और ट्रेनिंग सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा उद्योग में सहयोग के साथ-साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग और अपराध के खिलाफ सहयोग को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया है।
नवीनीकरण ऊर्जा पर फोकस
प्रधानमंत्री ने नवीनीकरण ऊर्जा पर भी चर्चा की और कहा कि इस क्षेत्र में समझौतों से सस्टेनेबिलिटी अभियान को नई गति मिलेगी। यह दोनों देशों के लिए विकास का एक नया रास्ता खोलने जा रहा है।
सेमीकंडक्टर में सहयोग की संभावनाएं
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत के स्केल को एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि बेल्जियम के IMEC इंस्टीट्यूट को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जोड़ने पर काम होगा।
भारत की आर्थिक स्थिति
पीएम मोदी ने भारत की जीडीपी के बारे में भी चर्चा की और कहा कि भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने बताया कि आज भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए नए अवसरों का स्रोत बन रही है, जबकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
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