Delhi की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: महिलाओं के लिए क्या है सुरक्षित?

The CSR Journal Magazine
दिल्ली, जो अपने आप में एक राजधानी है, तब तक सुरक्षित नहीं मानी जा सकती जब उसकी गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाएं सुरक्षित महसूस न कर सकें। हाल ही में कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने इस बात को और स्पष्ट कर दिया है। यह घटना महज एक अपराध नहीं, बल्कि दिल्ली प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पुलिस की वर्दी में अपराधियों की हिम्मत

सुबह के समय एक दोस्त के साथ मंदिर दर्शन करने आई लड़की को तीन युवकों ने पुलिसकर्मी बताकर डराया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। भेजी गई पीसीआर के जरिए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक वकील और एक कॉलेज छात्र शामिल हैं। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि पढ़े-लिखे समाज में भी इस तरह के अपराधी मौजूद हैं।

सुरक्षा परवाही का नतीजा

दिल्ली के उपराज्यपाल ने पार्कों की सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है, पर यह सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं के होने का इंतजार क्यों किया गया? दिल्ली के व्यस्ततम धार्मिक क्षेत्र में यदि एक किशोरी अपने दोस्त के साथ बिना भय के नहीं घूम सकती, तो यह न केवल दिल्ली, बल्कि देश की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है।

फिर से दोहराया गया मामला

जमुई की घटना भी इसके समान ही शर्मनाक है। बिहार के जमुई में किशोर लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला चर्चा का विषय बना। पर इस बार, क्या दिल्ली की घटना को नकारा जा सकता है? यद्यपि दोनों स्थितियों में अलग-अलग राजनीतिक बयानबाजी हुई, लेकिन अपराध की गंभीरता एक समान है।

शिक्षित वर्ग का अपराध

यह चिंताजनक है कि आरोपी न केवल साधारण गुंडे हैं, बल्कि पढ़े-लिखे भी हैं। कानून का ज्ञान रखने वाले व्यक्ति का इस प्रकार की अपराध में लिप्त होना समाज के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना इस तथ्य की पुष्टि करती है कि आम नागरिकों के लिए प्रामाणिकता की जांच करना कितना कठिन है। मुंबई में तो पुलिस उपस्थिति का स्तर भी कम है, इसलिए सुरक्षा बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।

आगे की चुनौतियां

दिल्ली में सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा का विषय हमेशा से चिंता का विषय रहा है। क्या यह सही नहीं होगा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को समझे? सरकार को जल्द ही उपाय करने चाहिए, जैसे कि प्रकाश, सीसीटीवी और गश्त बढ़ाना। यह सब आवश्यक है ताकि एक बार फिर से कोई युवती बिना भय के अपने दोस्तों के साथ बाहर जा सके।

कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

गिरफ्तारी और सजा के बीच का रास्ता भी महत्वपूर्ण है। जांच, गवाह सुरक्षा और संवेदनशीलता की कहानियों का होना अत्यंत आवश्यक है। यह जरूरी है कि समाज भी पीड़िता को न सिर्फ एक शिकार समझे, बल्कि उसके साथ खड़ा हो। ऐसे समय में हमें एकजुट होकर इस मुहिम में शामिल होना होगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos