अब किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत: होर्मुज से आई अच्छी खबर, यूरिया-DAP लदे 15 जहाज आ रहे भारत

The CSR Journal Magazine
होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने से भारत में खाद की आपूर्ति अब सहज हो गई है। 15 जहाज, जो यूरिया, डीएपी और सल्फर लेकर आ रहे हैं, सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को खरीफ सीजन में खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पिछले कुछ महीनों से, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, ये जहाज फंसे हुए थे। अब केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि ये जहाज सुरक्षित निकल आए हैं। इससे खाद की आपूर्ति बढ़ाने में सहायता मिलेगी। फर्टिलाइजर विभाग का कहना है कि अब यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और सल्फर का शिपमेंट भारतीय बंदरगाहों पर आ रहा है, जो किसान के लिए राहत की बात है।

सरकार की तैयारी और आपूर्ति की स्थिति

सरकार ने खरीफ सीजन के लिए खाद की लगभग 38.39 मिलियन टन (mt) की आवश्यकता के मुकाबले 19.76 मिलियन टन फर्टिलाइजर का इंतजाम किया है। यह सीजन की अनुमानित मांग का 51% से ज्यादा है। सरकार का कहना है कि इससे बुआई के मौजूदा सीजन के दौरान बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित होगी। इस दौरान पिछले साल इसी समय मंत्रालय के पास कुल मांग का 33% स्टॉक था, जो अब काफी बढ़ चुका है।

भारत को खाद की आपूर्ति के रास्ते

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद, सरकार ने पहले से ही योजना बनाई थी। आयात में विविधता लाने और विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ करीबी तालमेल के जरिए फर्टिलाइज़र की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित की है। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया, रूस, मिस्र और अल्जीरिया जैसे देशों से यूरिया मंगाया है। DAP और NPK फर्टिलाइज़र रूस, मोरक्को, जॉर्डन, सऊदी अरब और अमेरिका जैसे सप्लायर से वैकल्पिक शिपिंग रूट के जरिए मंगाए गए हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव और उसकी चुनौतियाँ

फरवरी में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में रुकावट आई थी, जिससे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों से गुजरने वाले कच्चे तेल, लिक्विड नेचुरल गैस और फर्टिलाइज़र की सप्लाई में चिंता बढ़ गई थी। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद, जून के मध्य से धीरे-धीरे आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।

फर्टिलाइजर सुविधाओं की स्थिति

मंत्रालय ने यह भी कहा कि फर्टिलाइज़र प्लांट को नेचुरल गैस की सप्लाई, जो संकट के दौरान लगभग 65% रह गई थी, अब पूरी तरह से बहाल हो गई है। इससे सभी घरेलू यूरिया प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम कर पा रहे हैं। इससे खाद की निरंतरता और उपलब्धता में भी सुधार होगा।

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