गंगा दशहरा 2026: अद्भुत संयोग में शुरू हुए नौतपा

The CSR Journal Magazine
आज गंगा दशहरा का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व गंगा नदी की आरती, पूजा और आस्था का प्रतीक है। इस साल गंगा दशहरा ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रहा है, जो इस त्यौहार को और भी खास बनाता है। विशेष बात यह है कि इस दिन से नौतपा की शुरुआत भी हो रही है, जो इस पर्व के साथ एक अद्भुत संयोग बनाता है।

नौतपा का क्या है अर्थ?

नौतपा एक ऐसा समय है जब चारों ओर गर्मी अपने चरम पर होती है। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें तीव्र होती हैं और इस समय जल की महत्ता बढ़ जाती है। यह माना जाता है कि इस समय जल को प्रणाम करने और उसकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसलिए, गंगा दशहरा और नौतपा का यह संयोग लोगों के लिए सुखद हो सकता है।

धार्मिक महत्व

गंगा दशहरा का पर्व केवल एक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक विशेष अवसर भी है जब भक्तगण गंगा की आरती करते हैं और अपने पापों की मुक्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताएँ कहती हैं कि इस दिन गंगा के जल में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं। इसके साथ ही गंगा नदी का विशेष महत्व है, जिसे भारतीय संस्कृति में मातृ स्वरूप मानते हैं।

कैसे मनाएं गंगा दशहरा?

गंगा दशहरा को मनाने के लिए भक्तगण प्रात:काल उठकर गंगा नदी के तट पर जाते हैं। वहां जल में स्नान करने के बाद वे पूजा-अर्चना करते हैं। गंगा की आरती की जाती है और विशेष रूप से फल-फूल चढ़ाए जाते हैं। इस दिन को मनाने का एक अन्य तरीका यह है कि घर के आंगन में या मंदिर में दीप जलाए जाएं।

विशेष संयोग का रहस्य

इस साल गंगा दशहरा और नौतपा का संयोग विशेष इसलिए है क्योंकि यह संयोग केवल 2026 में ही देखने को मिलेगा। यह संयोग स्मरणीय है क्योंकि ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं। धार्मिक विद्वान मानते हैं कि इस समय का उपयोग करके व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तनों का स्वागत कर सकता है।

नौतपा के दौरान क्या करें?

नौतपा में अधिकतर लोग अपने घर के वातावरण को शुद्ध करने पर ध्यान देते हैं। इस समय जल का महत्व अत्यधिक होता है, इसलिए पर्याप्त पानी का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह अवधि अन्यथा तापमान में बढ़ोतरी का कारण बनती है।

श्रद्धा और आस्था का महापर्व

इस प्रकार, गंगा दशहरा और नौतपा का संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह लोगों को अपने जीवन में सकारात्म्क ऊर्जा का अनुभव करने का भी अवसर देता है। इस पर्व को मनाते हुए श्रद्धालुओं को अपने पुराने पापों से मुक्ति की आशा है और नव आशाओं के साथ नए कार्यों की शुरुआत करने का भी यह समय है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos