हम जिन चीजों को रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित मानते हैं—जैसे ब्रेड, प्लास्टिक, टूथपेस्ट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स उन्हीं में छिपे कुछ केमिकल्स धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। कैंसर सर्जन डॉ अंशुमान कुमार के अनुसार, इन उत्पादों में मौजूद कुछ तत्व शरीर में हार्मोनल असंतुलन और सेल डैमेज का कारण बन सकते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, यह जोखिम कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है और संतुलित उपयोग व जागरूकता से इसे कम किया जा सकता है।
ब्रेड और प्रोसेस्ड फूड सफेदी के पीछे छिपा खतरा
आजकल बाजार में मिलने वाली ब्रेड और मैदे से बने उत्पादों को ज्यादा सफेद और फूला हुआ बनाने के लिए कुछ केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें पोटेशियम ब्रोमेट जैसे तत्व शामिल रहे हैं, जिन्हें कई देशों में संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के चलते प्रतिबंधित किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का नियमित सेवन शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकता है, जिससे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। यही नुकसान लंबे समय में गंभीर बीमारियों, जिनमें कैंसर भी शामिल है, के जोखिम को बढ़ा सकता है।
इसलिए ताजा, कम प्रोसेस्ड और साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।


