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April 18, 2026

घर की रोजमर्रा की चीजें बन रहीं कैंसर का खतरा? टूथपेस्ट, ब्रेड और हेयर डाई पर डॉक्टर की चेतावनी

The CSR Journal Magazine
हम जिन चीजों को रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित मानते हैं—जैसे ब्रेड, प्लास्टिक, टूथपेस्ट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स उन्हीं में छिपे कुछ केमिकल्स धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। कैंसर सर्जन डॉ अंशुमान कुमार के अनुसार, इन उत्पादों में मौजूद कुछ तत्व शरीर में हार्मोनल असंतुलन और सेल डैमेज का कारण बन सकते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, यह जोखिम कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है और संतुलित उपयोग व जागरूकता से इसे कम किया जा सकता है।

ब्रेड और प्रोसेस्ड फूड सफेदी के पीछे छिपा खतरा

आजकल बाजार में मिलने वाली ब्रेड और मैदे से बने उत्पादों को ज्यादा सफेद और फूला हुआ बनाने के लिए कुछ केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें पोटेशियम ब्रोमेट जैसे तत्व शामिल रहे हैं, जिन्हें कई देशों में संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के चलते प्रतिबंधित किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का नियमित सेवन शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकता है, जिससे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। यही नुकसान लंबे समय में गंभीर बीमारियों, जिनमें कैंसर भी शामिल है, के जोखिम को बढ़ा सकता है।
इसलिए ताजा, कम प्रोसेस्ड और साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक रोजमर्रा की आदतें बन रहीं खतरा

प्लास्टिक का उपयोग हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है—पानी की बोतल से लेकर खाने के डिब्बे तक। लेकिन समस्या तब बढ़ती है जब हम प्लास्टिक को गर्म करते हैं या उसमें गरम चीजें रखते हैं। ऐसे में BPA (बिस्फेनॉल-ए) जैसे केमिकल्स निकल सकते हैं, जो खाने-पीने के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि ये केमिकल्स हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं और लंबे समय में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकते हैं।
माइक्रोप्लास्टिक भी अब हवा, पानी और भोजन में मिल रहे हैं, जिससे उनका शरीर में जमा होना चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्टील, ग्लास या BPA-फ्री विकल्प अपनाना जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स सुंदरता के साथ सावधानी जरूरी

हम रोजाना जिन टूथपेस्ट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, उनमें पैराबेंस और ट्राइक्लोसन जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं। ये तत्व प्रिजर्वेटिव के रूप में उपयोग होते हैं, लेकिन कुछ स्टडीज में इनके हार्मोनल प्रभावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हार्मोनल असंतुलन शरीर के कई कार्यों को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में ब्रेस्ट या प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। हालांकि, इन पर शोध अभी जारी है और सभी उत्पाद समान रूप से हानिकारक नहीं होते।
लेबल पढ़कर सुरक्षित और प्रमाणित उत्पादों का चयन करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

हेयर डाई और स्किन केयर प्रोडक्ट्स फैशन के साथ जोखिम भी

बालों को रंगने और स्किन केयर के लिए इस्तेमाल होने वाले कई प्रोडक्ट्स में PPD (पैराफेनिलीन डायमीन) और अमोनिया जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं। ये केमिकल्स त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। कुछ शोधों में लंबे समय तक हेयर डाई के अत्यधिक उपयोग को ब्लड कैंसर (जैसे ल्यूकेमिया) और लिंफोमा के जोखिम से जोड़ा गया है, हालांकि यह संबंध पूरी तरह से निर्णायक नहीं है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन प्रोडक्ट्स का सीमित उपयोग करें, प्राकृतिक विकल्प अपनाएं और स्किन टेस्ट जरूर करें।

डर नहीं, जागरूकता है जरूरी

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को समझना जरूरी है, लेकिन हर उत्पाद को पूरी तरह खतरनाक मान लेना भी सही नहीं है। असल में जोखिम कई बातों पर निर्भर करता है—जैसे उपयोग की मात्रा, अवधि और व्यक्ति की जीवनशैली। संतुलित आहार, सुरक्षित उत्पादों का चयन, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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