तुर्किये में दबोचा गया दाऊद का करीबी ड्रग माफिया सलीम डोला, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

The CSR Journal Magazine
भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया Salim Dola को तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया गया है। Dawood Ibrahim के करीबी माने जाने वाले डोला की गिरफ्तारी को वैश्विक ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

तुर्किये में बड़ी कार्रवाई इस्तांबुल से गिरफ्तारी

तुर्किये की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान इस्तांबुल में सलीम डोला को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई की पुष्टि भारतीय एजेंसियों ने भी की है। लंबे समय से फरार चल रहे डोला पर कई देशों की नजर थी। यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि डोला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। उसकी गिरफ्तारी से कई देशों में फैले ड्रग सिंडिकेट की परतें खुलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया ताकि वह भाग न सके।

ग्लोबल ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड

जांच एजेंसियों के मुताबिक, सलीम डोला एक बड़े सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क को संचालित करता था। उसका नेटवर्क एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के कई देशों तक फैला हुआ था। उसकी गतिविधियां सिर्फ ड्रग सप्लाई तक सीमित नहीं थीं, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के बीच कनेक्शन का काम भी करता था। एजेंसियों का दावा है कि उसके नेटवर्क के तार सीधे Dawood Ibrahim की डी-कंपनी से जुड़े हुए थे।
डोला का नाम कई बड़े ड्रग कंसाइनमेंट और तस्करी के मामलों में सामने आ चुका है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की हिट लिस्ट में शामिल था।

दुबई से चलाता था सिंडिकेट, परिवार भी गिरफ्त में

सूत्रों के अनुसार, सलीम डोला पहले मुंबई में सक्रिय था, लेकिन बाद में वह Dubai चला गया और वहीं से अपने पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने लगा। भारत में ड्रग सप्लाई का बड़ा हिस्सा उसके जरिए संचालित होता था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अक्टूबर 2025 में उसके करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित किया था। इसके बाद नवंबर 2025 में डोला के बेटे ताहिर डोला सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस कार्रवाई से एजेंसियों को डोला के नेटवर्क के कई अहम सुराग मिले, जिसने उसकी गिरफ्तारी का रास्ता आसान किया।

रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सफलता

सलीम डोला के खिलाफ पहले से ही कई एजेंसियों ने शिकंजा कस रखा था। Narcotics Control Bureau (NCB) ने उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि उसके पास सऊदी अरब का पासपोर्ट भी था, जिससे उसकी पहचान छिपाने और कानूनी प्रक्रिया को जटिल बनाने में मदद मिलती थी। यह गिरफ्तारी भारत और तुर्किये समेत कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत होते सहयोग का उदाहरण है। इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही लड़ाई को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
सलीम डोला की गिरफ्तारी न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर ड्रग नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले दिनों में उससे पूछताछ के जरिए कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत के कई राज उजागर कर सकते हैं।

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