आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज

The CSR Journal Magazine

जेल में लौटने की समय सीमा तय

राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उसकी पैरोल बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया है। अब आसाराम को आज शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करना होगा। पिछले 20 दिनों से पैरोल पर बाहर रहने के बाद, अब उसे दोबारा जेल लौटना पड़ेगा।

पैरोल पर रहने का कारण

आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर 20 दिन की पैरोल मिली थी। हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को उसे पैरोल देने का आदेश दिया था। लेकिन एक अन्य मामले के कारण उसकी रिहाई में अड़चन आई थी। इसके बाद, 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह आसाराम को पैरोल पर रिहा करे। पैरोल के दौरान, आसाराम मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचा, जहां उसे सीने में तकलीफ की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार को आसाराम की सेहत का ध्यान रखने का निर्देश दिया। आसाराम के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उसकी चिकित्सा स्थिति को देखते हुए पैरोल की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

आसाराम की सजा का इतिहास

आसाराम को 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से वह जेल में अपनी सजा काट रहा है। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उसे समय-समय पर चिकित्सा सुविधाएं और इलाज की अनुमति मिलती रही है।

दूसरे मामले में भी उम्रकैद

आसाराम को एक अन्य यौन उत्पीड़न मामले में भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने सूरत की दो बहनों से जुड़े मामले में उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस प्रकार, आसाराम के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं, जो उसकी सजा को और भी कठोर बनाते हैं।

आसाराम की पैरोल का अंत

सुप्रीम कोर्ट की ओर से पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज किए जाने के बाद अब आसाराम को निर्धारित समय के भीतर जेल में लौटना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जेल में उसकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जाए। यह मामला न केवल आसाराम के लिए बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न्याय प्रणाली की सख्ती को दर्शाता है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

आसाराम की पैरोल समाप्त होने के बाद, उसकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उसके वकील ने संकेत दिया है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं। हालांकि, वर्तमान में उसे जेल में लौटना होगा, और उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।

समाज पर प्रभाव

इस मामले ने समाज में कई सवाल खड़े किए हैं। आसाराम जैसे मामलों में न्याय की प्रक्रिया और उसकी प्रभावशीलता पर चर्चा हो रही है। यह देखना होगा कि आगे चलकर इस मामले में क्या विकास होता है और आसाराम की कानूनी स्थिति क्या होती है।

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