पोकरण बना नकली घी का गढ़ एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई, फैक्ट्री से पाम ऑयल, घी और पैकिंग सामग्री जब्त

The CSR Journal Magazine
जैसलमेर जिले के पोकरण में नकली घी के अवैध कारोबार का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार रात एक मकान में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर 900 किलो पाम ऑयल, 453 किलो घी और बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि पाम ऑयल और रासायनिक पदार्थों की मदद से बड़े ब्रांडों के नाम पर नकली घी तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा था। एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई, फिर पकड़ी गई नकली घी की फैक्ट्री

पोकरण क्षेत्र में खाद्य मिलावट का कारोबार लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार देर शाम भवानीपुरा क्षेत्र के एक मकान में छापा मारकर नकली घी बनाने की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पोकरण पुलिस ने भी सहयोग किया। जांच के दौरान मकान के भीतर बड़े पैमाने पर नकली घी तैयार करने की गतिविधियां संचालित होती मिलीं। गौरतलब है कि इससे पहले 24 मई को जयपुर से आई विशेष टीम ने पोकरण में छापेमारी कर 10,260 किलो मिलावटी घी, पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, वनस्पति और करीब चार हजार किलो नकली घी जब्त किया था। लगातार दूसरी कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि क्षेत्र में मिलावट का नेटवर्क गहराई तक फैला हुआ है।

पाम ऑयल से तैयार हो रहा था ब्रांडेड घी, भारी मात्रा में सामग्री जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से 900 किलो पाम ऑयल और 453 किलो तैयार घी बरामद किया। इसके अलावा विभिन्न नामी ब्रांडों के लेबल, खाली टिन, डिब्बे, पैकिंग सामग्री, ढक्कन, गैस टंकियां, भट्ठी और पैकिंग मशीन भी जब्त की गईं। जांच में सामने आया कि यहां शक्ति, डेयरी बैस्ट सहित अन्य प्रसिद्ध ब्रांडों के नाम से नकली घी पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। असली ब्रांड जैसे दिखने वाले डिब्बों और लेबल के कारण आम उपभोक्ता नकली और असली घी में अंतर नहीं कर पाते, जिससे मिलावटखोरों का कारोबार फल-फूल रहा है।

ऐसे तैयार होता है नकली घी, पहचानना आसान नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार नकली घी तैयार करने के लिए सबसे पहले सस्ते पाम ऑयल को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है। इसके बाद हाइड्रोजनीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे तेल गाढ़ा और दानेदार हो जाता है तथा उसका स्वरूप घी जैसा दिखने लगता है। फिर उसमें कृत्रिम खुशबू, एसेंस और अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं ताकि उसकी गंध और स्वाद असली घी जैसा लगे। अंतिम चरण में रंग मिलाकर उसे आकर्षक बनाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद तैयार उत्पाद देखने, सूंघने और पैकिंग के स्तर पर लगभग असली घी जैसा प्रतीत होता है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए पहचान करना बेहद कठिन हो जाता है।

स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

चिकित्सकों का कहना है कि पाम ऑयल और रासायनिक तत्वों से तैयार नकली घी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। फिजिशियन डॉ. अजय पाल सिंह भाटी के अनुसार ऐसे घी के नियमित सेवन से शरीर की धमनियों में रुकावट पैदा हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मिलाए जाने वाले कृत्रिम रंग और रसायन लिवर व किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे मिलावटी उत्पादों का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। बच्चों पर इसका प्रभाव और अधिक गंभीर हो सकता है, क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और बाजार निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos