वाराणसी में थमे 240 पहियों वाले ट्रक के पहिए, फुटब्रिज हटाने की तैयारी!

The CSR Journal Magazine

विशाल बायोपॉलीमर प्लांट की स्थापना

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में देश का पहला आधुनिक बायोपॉलीमर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह प्लांट करीब 3,080 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है, जिसमें चीनी से बायोपॉलीमर, यानी प्लास्टिक बनाने की तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्लांट के लिए बेल्जियम से एक विशाल रिएक्टर मंगवाया गया है, जो एक खास मल्टी-एक्सल ट्रेलर के जरिए लखीमपुर ले जाया जा रहा है।

ट्रक का लंबा सफर और लोगों की भीड़

यह विशाल ट्रक 15 मई को ओडिशा के बंदरगाह से रवाना हुआ था। शुरुआत में इसे 308 पहियों वाले ट्रक से ले जाया गया, लेकिन बाद में इसे 240 पहियों वाले विशेष ट्रेलर में परिवर्तित किया गया। करीब 50 किलोमीटर की यात्रा में ट्रक को चार दिन लग गए। 27 सितंबर को यह वाराणसी पहुंचा और चांदमारी में रुका है। यहां आने पर आस-पास के लोग इसे देखने के लिए जुट रहे हैं, जिसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।

फुटब्रिज हटाने की तैयारी

गुरुवार को जब ट्रक वाराणसी के चांदमारी फेस-2 पहुंचा, तो फुटब्रिज हटाने की तैयारियों के चलते इसे रोक दिया गया। स्थानीय लोगों में इसे देखने के लिए अनेकों लोग आए, जिनमें 70 वर्षीय लीलावती भी शामिल थीं। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी में इतना बड़ा ट्रक नहीं देखा।”

रिएक्टर की अगली यात्रा

ट्रक के साथ चल रहे कर्मचारियों के अनुसार, आगे तीन फुटब्रिज हैं, जिन्हें हटाने का कार्य किया जा रहा है। जब रास्ता साफ होगा, तब यह रिएक्टर गाजीपुर, सैदपुर, गोरखपुर और बस्ती होते हुए कुंभी गांव पहुंचेगा। यह रिएक्टर बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के प्रस्तावित बायोपॉलीमर प्लांट में लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन और उद्घाटन की चर्चा

इस प्लांट की नींव पूजन का कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम की भी चर्चा हो रही है। हाल ही में रिएक्टर की देरी के कारण प्लांट का उद्घाटन कार्यक्रम आगे खिसक गया है।

नवीनतम तकनीक का उपयोग

प्लांट का उद्घाटन सबसे पहले अक्टूबर में प्रस्तावित था, लेकिन अब संभावना जताई जा रही है कि यह नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। रिएक्टर के माध्यम से आधुनिक बायोपॉलीमर तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें चीनी उद्योग से प्राप्त कच्चे माल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रकार का प्लांट भारतीय उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

स्थानीय आकर्षण और अभिव्यक्ति

विशाल रिएक्टर इन दिनों वाराणसी में स्थानीय लोगों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। लोग इसे देखने के लिए उत्साहित हैं। इस तकनीकी विकास के जरिए भारत में न सिर्फ पर्यावरण संकट को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

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