UP Yogi Sarkar Infra Model फेल? 12वें दिन धंसी Kanpur Lucknow Expressway की सड़क

The CSR Journal Magazine
UP Yogi Sarkar Infra Model Kanpur Lucknow Expressway: उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी Lucknow-Kanpur Greenfield Expressway को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा उद्घाटन के महज 12 दिन बाद उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र के पास धंस गया। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और उसमें पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने योगी सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर सवाल उठाए, जबकि NHAI ने इसे बारिश से हुई क्षति बताते हुए मरम्मत पूरी होने का दावा किया।

UP Yogi Sarkar Infra Model Kanpur Lucknow Expressway: 13 जुलाई को उद्घाटन, 26 जुलाई को टूटी सड़क

13 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शुरू किए गए इस एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की सबसे आधुनिक सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा था। लेकिन उन्नाव के कोरारी गांव के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क का हिस्सा धंसने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि करीब 5 से 7 मीटर तक सड़क प्रभावित हुई थी।

सपा नेता का वीडियो वायरल, विपक्ष ने साधा निशाना

घटना उस समय चर्चा का विषय बन गई जब एक सपा नेता ने सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होते ही सरकार और निर्माण एजेंसियों पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों में जवाब दे गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

NHAI ने दी सफाई, कहा- बारिश से हुआ नुकसान, मरम्मत पूरी

विवाद बढ़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आधिकारिक बयान जारी किया। प्राधिकरण ने कहा कि किमी 64 के पास सड़क पर बारिश के कारण स्लिपेज हुआ था। प्रभावित हिस्से की मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है और अब यातायात पूरी तरह सामान्य है। NHAI ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, गुणवत्ता और निर्बाध आवाजाही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

4200 करोड़ की परियोजना पर उठे गुणवत्ता के सवाल

करीब 63 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन Greenfield Expressway उत्तर प्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन और पूरी तरह Barrier-Free Corridor होना है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है और इससे लखनऊ से कानपुर की यात्रा का समय लगभग 2 घंटे से घटकर 35–45 मिनट रह गया है। हालांकि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटना ने परियोजना की गुणवत्ता, निगरानी और निर्माण मानकों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में केवल मरम्मत तक सीमित रहती है या निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराती है।
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