Abhishek Banerjee ने हाईकोर्ट में FIR रद्द कराने की लगाई गुहार, सुनवाई 21 मई को

The CSR Journal Magazine
ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिए और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर धमकी भरा बयान दिया। इस मामले में सुनवाई 21 मई को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच के सामने होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस याचिका की जानकारी दी।

भड़काऊ भाषण के आरोप

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार की शिकायत पर दर्ज हुआ। उन्होंने 5 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद बागुईआटी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराई। कहा जा रहा है कि बाद में मामले को साइबर क्राइम शाखा को सौंपा गया, जिसके बाद 15 मई को उत्तर 24 परगना के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। आरोप है कि इन भाषणों से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खतरा हो सकता है।

अभिषेक के विवादित बयान

विवादित भाषणों में अभिषेक बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह पर कई बार तीखे हमले किए। उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को कहा था, “अगर घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी अमित शाह की है।” फिर 16 अप्रैल को एक रैली में उन्होंने अमित शाह को चुनौती दी। इसमें कहा गया कि यदि शाह में हिम्मत है तो 4 मई को कोलकाता में रहेंगे। अभिषेक ने कहा कि खेला तो उन्होंने शुरू किया है, बाकी तृणमूल कांग्रेस करेगी।

अभिषेक की चुनौतियां

25 अप्रैल को चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक ने कहा था कि अमित शाह मतदाताओं को धमकाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “BJP को हार दिख रही है, इसलिए डर का माहौल बनाया जा रहा है।” इसके बाद, 2 मई को उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और अमित शाह दोनों को यह सुन लेना चाहिए कि बंगाल की जनता 4 मई को अपना जवाब देगी।

राजनीतिक माहौल में उठा बहस

अभिषेक बनर्जी का यह मामला बंगाल में राजनीतिक तकरार का नया केंद्र बन गया है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी अपने नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर गंभीर है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रही है। वहीं, बीजेपी ने इस मामले को लेकर अभिषेक बनर्जी की स्थिति को कमजोर बताने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि अभिषेक के बयान अस्वीकार्य हैं और उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए।

अगली सुनवाई का बेसब्री से इंतजार

21 मई को होने वाली सुनवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस दिन यह तय होगा कि अभिषेक बनर्जी की याचिका पर हाईकोर्ट क्या निर्णय देता है। इन राजनीतिक घटनाक्रमों में तेजी से बदलाव आते रहते हैं, इसलिए सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारी कर रहे हैं। इस मामले में आगे क्या घटनाक्रम सामने आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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