निजी अस्पतालों में इलाज को लेकर आम लोगों की सबसे बड़ी परेशानी रही है कि मरीज को बिना पूरी जानकारी दिए वेंटिलेटर पर डाल दिया जाता है और बाद में लाखों रुपये का बिल थमा दिया जाता है। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी निजी अस्पताल मरीज को वेंटिलेटर पर रखने से पहले उसके परिजनों से लिखित अनुमति लेगा और इलाज का संभावित खर्च भी पहले से बताएगा। यह नियम सभी Private Hospitals पर लागू होगा।
Private Hospitals Ventilator Billing Rules: परिजनों की लिखित सहमति अब अनिवार्य
स्वास्थ्य मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, मरीज को वेंटिलेटर पर रखने से पहले परिजनों की साफ और लिखित सहमति लेना जरूरी होगा। अस्पताल को यह भी दर्ज करना होगा कि सहमति बिना किसी दबाव के ली गई है। सरकार का कहना है कि इससे मरीजों के अधिकार मजबूत होंगे और इलाज में Patient Consent की अहमियत बढ़ेगी।
डॉक्टर को देनी होगी पूरी और साफ जानकारी
नए नियमों में डॉक्टरों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। अब डॉक्टर को परिजनों को यह बताना होगा कि मरीज को वेंटिलेटर क्यों लगाया जा रहा है, इससे क्या फायदा होगा और क्या जोखिम हो सकते हैं। इसके साथ ही यह भी समझाना होगा कि वेंटिलेटर कितने समय तक लग सकता है। इससे इलाज को लेकर होने वाला भ्रम कम होगा और Medical Transparency बढ़ेगी।
ICU और वेंटिलेटर का खर्च पहले बताना होगा
अक्सर देखा गया है कि इलाज खत्म होने के बाद परिजनों को भारी-भरकम बिल देखकर झटका लगता है। अब ऐसा नहीं चलेगा। अस्पताल को पहले ही ICU Charges, Ventilator Cost Per Day और अन्य मेडिकल खर्चों की जानकारी लिखित रूप में देनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे Ventilator Billing Rules का सही पालन होगा।
नियम तोड़े तो अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जो निजी अस्पताल इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें जुर्माना, नोटिस और जरूरत पड़ने पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि मरीजों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत है। इलाज अब सिर्फ डर और मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरी जानकारी और समझ के साथ होगा।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
OpenAI's CEO Sam Altman has publicly expressed regret over the company's oversight in failing to inform law enforcement regarding the concerning online actions of...
A tragic road accident occurred on the Barsatpur Ahirani Highway in Mau district, Uttar Pradesh, resulting in the deaths of five family members. The...