अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर उपभोक्ता जागरूकता का संदेश, पढ़ने-समझने और जानकारी की जांच करने पर जोर

The CSR Journal Magazine

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर उपभोक्ता जागरूकता का संदेश, पढ़ने-समझने और जानकारी की जांच करने पर जोर

साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीख लेने का नाम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को जानकारी समझने, अपने अधिकार पहचानने और सही निर्णय लेने में सक्षम बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। खासकर उपभोक्ता के रूप में किसी व्यक्ति के लिए साक्षरता का महत्व और बढ़ जाता है। बाजार में रोजाना नए उत्पाद, सेवाएं, योजनाएं और डिजिटल माध्यम सामने आ रहे हैं। ऐसे में लेबल पढ़ना, कीमत और गुणवत्ता की जानकारी समझना, नियम व शर्तों को देखना और अपने अधिकारों की जानकारी रखना एक जागरूक उपभोक्ता के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उपभोक्ता जागरूकता से जुड़े संदेश में कहा गया है कि साक्षरता जागरूकता की पहली सीढ़ी है। जब व्यक्ति किसी सूचना को पढ़ और समझ सकता है, तभी वह उसके आधार पर सोच-समझकर फैसला ले सकता है। यही क्षमता उसे गलत जानकारी, भ्रामक प्रचार और अनुचित व्यापारिक व्यवहार से बचाने में भी मदद करती है।

पढ़ना ही नहीं, जानकारी को समझना भी जरूरी

आज के दौर में उपभोक्ता के सामने सूचना की कोई कमी नहीं है। मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से किसी उत्पाद की कीमत, विशेषताएं, समीक्षा और उपयोग संबंधी जानकारी कुछ ही क्षण में उपलब्ध हो जाती है। लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि उपलब्ध जानकारी में से सही और भरोसेमंद जानकारी की पहचान कैसे की जाए। किसी उत्पाद पर लिखी आकर्षक बातों को देखकर तुरंत खरीदारी करने के बजाय उपभोक्ता को उसके लेबल, मात्रा, अधिकतम खुदरा मूल्य, निर्माण या पैकिंग की तारीख, समाप्ति तिथि और निर्माता की जानकारी पढ़नी चाहिए। खाद्य उत्पादों में सामग्री और पोषण संबंधी विवरण पर भी ध्यान देना चाहिए। दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। यही वह जगह है जहां साक्षरता सीधे उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ जाती है।

जागरूक उपभोक्ता ठगी से रह सकता है सुरक्षित

बाजार में कई बार उत्पादों या सेवाओं को लेकर ऐसे दावे किए जाते हैं जो उपभोक्ता को आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं। अत्यधिक छूट, सीमित समय का ऑफर, मुफ्त उपहार, गारंटीड परिणाम या असाधारण लाभ जैसे दावों को देखकर बिना जांच किए खरीदारी करना नुकसानदेह हो सकता है। डिजिटल खरीदारी के बढ़ते चलन ने उपभोक्ता के लिए सुविधा बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी आई हैं। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विक्रेता की विश्वसनीयता, उत्पाद की वास्तविक कीमत, वापसी और धनवापसी की शर्तें तथा ग्राहक शिकायत की व्यवस्था देखना आवश्यक है। जागरूक उपभोक्ता वही है जो केवल विज्ञापन नहीं देखता, बल्कि उसके पीछे मौजूद शर्तों और वास्तविक जानकारी को भी पढ़ता है।

अपने अधिकारों की जानकारी क्यों जरूरी?

उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा के संबंध में उचित जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। उसे गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मानकों की जानकारी मिलनी चाहिए तथा अनुचित व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार भी है। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके साथ गलत व्यवहार हुआ है, उत्पाद में कमी है, सेवा में खामी है या उसे भ्रामक जानकारी देकर खरीदारी के लिए प्रेरित किया गया है, तो वह उपलब्ध उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था का सहारा ले सकता है। लेकिन अधिकार तभी प्रभावी बनते हैं जब व्यक्ति उन अधिकारों को जानता हो और उनका इस्तेमाल करने की प्रक्रिया समझता हो।

‘जागो ग्राहक जागो’ का उद्देश्य भी यही

भारत में लंबे समय से ‘जागो ग्राहक जागो’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता रहा है। इन अभियानों का मूल संदेश यही है कि ग्राहक खरीदारी करते समय सावधान रहे, अपने अधिकारों को जाने और किसी भी अनुचित व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाए। आज यह जागरूकता केवल बाजार में जाकर सामान खरीदने तक सीमित नहीं है। मोबाइल अनुप्रयोग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बाजार, सदस्यता आधारित सेवाएं, भोजन की घर पहुंच सेवा और विभिन्न डिजिटल मंच भी उपभोक्ता जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए अब डिजिटल साक्षरता और उपभोक्ता जागरूकता एक-दूसरे से गहराई से जुड़ गए हैं।

बिल लेना छोटी बात नहीं

उपभोक्ता जागरूकता का एक सामान्य लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है खरीदारी का बिल या रसीद लेना। किसी वस्तु या सेवा के लिए भुगतान करने के बाद बिल सुरक्षित रखना चाहिए। भविष्य में उत्पाद में खराबी, वारंटी संबंधी समस्या, धनवापसी या शिकायत की स्थिति में यही दस्तावेज खरीद का प्रमाण बन सकता है। इसी तरह महंगे सामान की खरीदारी में वारंटी, गारंटी और सेवा संबंधी शर्तों को पढ़ना जरूरी है। केवल मौखिक आश्वासन पर निर्भर रहने के बजाय लिखित शर्तों को समझना उपभोक्ता के हित में रहता है।

लेबल पढ़ने की आदत बनाए उपभोक्ता

खाद्य और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी में लेबल पढ़ने की आदत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पैकेट पर दी गई जानकारी से उपभोक्ता को उत्पाद की मात्रा, कीमत, निर्माण या पैकिंग की जानकारी, उपयोग की अवधि और निर्माता से संबंधित विवरण मिल सकते हैं। स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों के मामले में किसी भी बड़े दावे को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं करना चाहिए। ‘प्राकृतिक’, ‘विशेष’, ‘तेजी से परिणाम’ या अन्य आकर्षक शब्द अपने आप में उत्पाद की प्रभावशीलता की गारंटी नहीं होते। जानकारी पढ़ना उपभोक्ता का पहला सुरक्षा कवच है।

डिजिटल दौर में बढ़ी जिम्मेदारी

आज किसी उत्पाद को खरीदने से पहले उपभोक्ता के पास तुलना करने के कई साधन हैं। अलग-अलग विक्रेताओं की कीमत देखी जा सकती है, ग्राहक समीक्षाएं पढ़ी जा सकती हैं और उत्पाद की विशेषताओं की तुलना की जा सकती है। लेकिन इंटरनेट पर उपलब्ध हर समीक्षा या दावा सही हो, यह जरूरी नहीं। नकली समीक्षा, भ्रामक विज्ञापन और अधूरी जानकारी उपभोक्ता को गलत निर्णय की ओर ले जा सकती है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण खरीदारी से पहले एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी जरूरी जागरूकता

उपभोक्ता साक्षरता का महत्व केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। बच्चों को कम उम्र से ही पैसे की समझ, विज्ञापन और वास्तविक जरूरत के बीच अंतर तथा ऑनलाइन खरीदारी की सावधानियों के बारे में बताया जाना चाहिए। इसी तरह बुजुर्ग उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन खरीदारी और दूरसंचार सेवाओं से जुड़े नियमों की जानकारी देना भी जरूरी है। परिवार और समाज की भूमिका यहां महत्वपूर्ण हो जाती है।

साक्षरता से मजबूत होता है उपभोक्ता

साक्षरता व्यक्ति को केवल अक्षरों और शब्दों से परिचित नहीं कराती, बल्कि उसे प्रश्न पूछने, जानकारी की जांच करने और अपने निर्णय की जिम्मेदारी लेने की क्षमता देती है। एक जागरूक उपभोक्ता कीमत के साथ गुणवत्ता देखता है, विज्ञापन के साथ तथ्य देखता है और सुविधा के साथ नियम व शर्तों को भी समझता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का संदेश उपभोक्ता जागरूकता के लिए भी बेहद प्रासंगिक है।

पढ़िए, समझिए और फिर खरीदिए

आज बाजार में विकल्प पहले से कहीं ज्यादा हैं। ऐसे में सही विकल्प चुनने की जिम्मेदारी भी उपभोक्ता की है। कोई भी वस्तु या सेवा खरीदने से पहले उसकी जानकारी पढ़ना, कीमत और शर्तों की तुलना करना, आवश्यक दस्तावेज संभालकर रखना और अपने अधिकारों को जानना एक जिम्मेदार उपभोक्ता की पहचान है। साक्षरता से जानकारी मिलती है, जानकारी से जागरूकता आती है और जागरूकता से उपभोक्ता को अपने हित में सही फैसला लेने की ताकत मिलती है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का यही संदेश बाजार की दुनिया में भी उतना ही महत्वपूर्ण है- पढ़ें, समझें, जांचें और तभी चुनें।

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