Kota CUET Exam: हाल ही में कोटा में CUET-UG 2025 परीक्षा के दौरान कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं मिलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में आक्रोश है और वे नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
Kota CUET Exam: छात्रों ने ट्रैफिक के कारण हुई देरी की दलील दी और परीक्षा देने की गुहार लगाई, लेकिन परीक्षा केंद्र प्रशासन ने NTA के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया। इससे प्रभावित छात्र और उनके परिजन अब नियमों में लचीलापन लाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे मामलों से छात्रों का वर्ष बर्बाद न हो।
राजस्थान में Kota CUET परीक्षा के दौरान छात्र हुए परेशान
Kota CUET Exam: राजस्थान के कोटा शहर में आयोजित हुई CUET परीक्षा में पांच मिनट की देरी पर पहुंचे छात्रों को प्रवेश नहीं देने का मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र के गेट बंद हो गए थे। उसके बाद पांच मिनट की देरी से पहुंचे विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। विद्यार्थियों ने स्कूल प्रशासन से कई मिन्नतें कीं, लेकिन 5 से 7 विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। मामला कोटा के रानपुर स्थित शिव ज्योति स्कूल परीक्षा केंद्र से सामने आया है।
छात्र विशाल ने बताया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) 2025 परीक्षा में शामिल होने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 5 से 7 छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया। राजस्थान के टोंक, झालावाड़, भीलवाड़ा और कोटा से भी आए परिक्षार्थियों का कहना है कि वे परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन ट्रैफिक की वजह से थोड़ा लेट हो गए। परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी और गेट बंद कर दिया। अभ्यर्थियों ने सुरक्षा कर्मियों और केंद्र प्रभारी से हाथ जोड़कर गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। छात्रों का आरोप है कि सेंटर पर समय का कोई लचीलापन नहीं दिखाया गया, जिससे उनका साल बर्बाद हो सकता है।
स्कूल प्रशासन ने दिया नियमों का हवाला
Kota CUET Exam: परीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। ये पूरी जानकारी प्रवेश पत्रों पर भी दे दी गई थी। उसके बाद भी कुछ छात्र देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे। उनको प्रवेश नहीं दिया गया है। प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों ने इस नियम में लचीलापन लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रैफिक, मौसम या अन्य कारणों से थोड़ी देरी हो सकती है। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार और NTA से अपील की है कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
CUET Exam में समय पर पहुंचने के बावजूद प्रवेश से वंचित
CUET Exam- Delhi NCR में कई छात्रों को मात्र कुछ मिनट की देरी के कारण परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि उन्होंने ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक परिवहन में देरी और गूगल मैप्स की गलत दिशाओं जैसे वैध कारण बताए। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 10 से 15 ऐसे मामले सामने आए। कई छात्रों को उनकी पसंद के बावजूद दूरस्थ परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए, जिससे उन्हें 200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करनी पड़ी। इसके कारण वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके। परीक्षा केंद्रों के बाहर माता-पिता को धूप में खड़ा रहना पड़ा, क्योंकि वहां बैठने या छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी।
शिमला में UGC-NET परीक्षा के दौरान भी छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज ने समय से पहले गेट बंद कर दिया, जिससे उन्हें परीक्षा में शामिल होने से रोका गया।
छात्रों और अभिभावकों ने सरकार के सामने लगाई गुहार
CUET-UG 2025 परीक्षा और UGC-NET परीक्षाओं के दौरान छात्रों को हुई कठिनाइयों ने परीक्षा प्रणाली की कठोरता और लचीलेपन की कमी को उजागर किया है। महज़ चंद मिनिटों की वजह से कई स्टूडेंट्स की पूरे साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाता है। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि परीक्षा नियमों में व्यावहारिक लचीलापन लाया जाए और पुनः परीक्षा का आयोजन किया जाए, ताकि उनके कीमती समय और शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।