Nadia, Feb 28 (ANI): Police & Paramilitary Forces conduct a route march as the final voter rolls after Special Intensive Revision (SIR) released today, in Nadia on Saturday. (ANI Video Grab)
जम्मू-कश्मीर के अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी मोबाइल नंबर वाली रिंग पहने कबूतर मिले हैं। इलाके के मोलू चक में एक स्थानीय निवासी ने अपनी छत पर दो संदिग्ध कबूतर देखे और तुरंत इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी। जांच में पाया गया कि एक कबूतर के पैर में ऐसी रिंग थी, जिस पर पाकिस्तानी नंबर दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियों ने माना है कि यह जासूसी और बॉर्डर पार संदेश भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच शुरू
पुलिस के अनुसार, जांच की जा रही है कि क्या इन कबूतरों का इस्तेमाल बॉर्डर पार मैसेजिंग के लिए किया जा रहा था। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सालों में भी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने ऐसे संदिग्ध कबूतर पकड़े हैं जिन पर पाकिस्तानी स्टैम्प और कोडेड मैसेज थे। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका और अन्य देशों में भी हैं कबूतर
सूत्रों के अनुसार, इस इलाके का बेहद संवेदनशील होना और आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों से संबंध को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है। कठुआ और अरनिया क्षेत्र में ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है। इससे पहले भी, कई बार ऐसे कबूतरों के मिलने से सुरक्षा एजेंसियों को नए तरीके से जांच करनी पड़ी।
घुसपैठियों के संभावित रास्ते पर नजर
कठुआ, बसंतगढ़ और बिलावर क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमलों के पीछे भी इस क्षेत्र की घुसपैठ संभावनाओं का हाथ रहा है। स्थानीय सुरक्षा बल ने कई बार ऐसे प्रयासों को नाकाम किया है। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के निकटता के कारण यह क्षेत्र और भी संवेदनशील हो गया है। यह केवल एक कबूतर की घटना नहीं है, बल्कि इससे जुड़े दुसरे मामलों की भी जानकारी हाल ही में सामने आई है।
पूर्व के मामले और सुरक्षा चिंताएं
2020 में, हीरानगर क्षेत्र में पाकिस्तानी नंबर वाली अंगूठी वाला एक कबूतर पकड़ा गया था। इसके अलावा, 2016 और 2018 में भी इसी तरह के कई मामले सामने आए थे। यह सारी घटनाएं सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय रही हैं। इस बार मिले कबूतरों के जरिए जांच की जा रही है कि क्या इन्हें जासूसी, नशीले पदार्थों की तस्करी या सुरक्षा बलों के रिस्पांस मैकेनिज्म की जांच करने के लिए प्रयोग किया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की तत्परता
सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कबूतर को हिरासत में लिया गया है और स्थिति पर ध्यान रखा जा रहा है। इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर सख्ती से नज़र रखी जा रही है ताकि अगली संभावित घटना को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां यह भी समझना चाहती हैं कि इन कबूतरों के माध्यम से किस तरह का संदेश भेजा जा रहा था।
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