अर्जेंटीना से रवाना हुए लग्जरी क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जहाज पर मौजूद कई यात्रियों और क्रू मेंबर में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य खतरे के रूप में देखा जा रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कुछ यात्री संक्रमण की पुष्टि होने से पहले ही अलग-अलग देशों में उतर चुके थे, जिससे वायरस के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।
28 देशों के लोग थे जहाज पर सवार
जानकारी के मुताबिक, इस क्रूज पर करीब 150 यात्री और क्रू मेंबर मौजूद थे, जो 28 अलग-अलग देशों से आए थे। इनमें फिलीपींस, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, नीदरलैंड्स, स्पेन, जर्मनी और कनाडा के नागरिक बड़ी संख्या में शामिल थे। जहाज पर भारत के भी दो क्रू मेंबर मौजूद थे। अब विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां इन यात्रियों की पहचान कर उनकी मेडिकल जांच और निगरानी में जुटी हैं।
कैसे फैला जहाज पर खतरनाक वायरस?
जांचकर्ताओं को शक है कि संक्रमण की शुरुआत अर्जेंटीना के दक्षिणी शहर उशुआइया से हुई। बताया जा रहा है कि एक डच दंपत्ति क्रूज पर चढ़ने से पहले वहां बर्ड-वॉचिंग के लिए गया था। आशंका है कि इसी दौरान वे संक्रमित हुए और बाद में जहाज पर वायरस फैल गया। अर्जेंटीना की स्वास्थ्य एजेंसियां अब इलाके में चूहों और कचरा स्थलों की जांच कर वायरस के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
क्यों इतना खतरनाक है एंडीज हंतावायरस?
विशेषज्ञों के अनुसार, जहाज पर मिला वायरस ‘एंडीज वायरस’ हो सकता है, जो हंतावायरस का बेहद खतरनाक रूप माना जाता है। आमतौर पर हंतावायरस संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है, लेकिन एंडीज वायरस की सबसे डरावनी बात यह है कि यह इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है। यही वजह है कि इसे लेकर वैश्विक स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है।
अब तक तीन लोगों की मौत
इस संक्रमण से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में एक डच दंपत्ति और एक जर्मन महिला शामिल हैं। पहली मौत 11 अप्रैल को जहाज पर हुई थी। बाद में संक्रमित महिला ने दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। वहीं एक जर्मन महिला का शव अभी भी जहाज पर होने की खबर है। जहाज के डॉक्टर समेत कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें एयरलिफ्ट कर यूरोप के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
दुनिया भर में मची निगरानी और डर
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पता चला कि 24 अप्रैल को करीब 40 यात्री सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए थे और उनमें से कई अलग-अलग देशों के लिए रवाना हो चुके हैं। अब सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और अन्य देशों में इन यात्रियों की निगरानी की जा रही है। एक फ्लाइट अटेंडेंट में भी हंतावायरस जैसे लक्षण मिलने के बाद चिंता और बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।