गुजरात में 12 शेरों और MP में 10 बाघों की रहस्यमय मौत, CDV वायरस का आरोप

The CSR Journal Magazine
गुजरात के गिर फॉरेस्ट में एशियाटिक लायंस की मौत का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। यहां के पूर्वी और पश्चिमी गिर में 12 शेरों की मौत हुई है, जिसे केंद्र सरकार तक पहुंचा दिया गया है। वन विभाग ने 30 से अधिक संदिग्ध शेरों को एनीमल केयर सेंटर में रखा है। हालांकि, अभी तक इन शेरों की लेबोरेटरी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में भी 10 बाघों की मौत से हड़कंप मच गया है। बाघों में सीडीवी (कैनाइन डिस्टेंपर वायरस) जैसे गंभीर लक्षण पाये गये हैं।

मध्य प्रदेश में बाघों की मौत पर सरकार ने उठाए कदम

मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार हो रही मौतों से सरकार अब अलर्ट मोड में है। 2 अप्रैल से अब तक कान्हा टाइगर रिजर्व में 10 बाघों की मौत हो चुकी है। बाघों में सीडीवी के लक्षण पाये जाने के बाद वन विभाग ने प्रभावी कदम उठाना शुरु कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने जसधार पशु देखभाल केंद्र का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। लेकिन 15 दिनों में हुई 12 शेरों की मौत के बाद भी रिपोर्ट न जारी होने से सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठ रहे हैं।

गुजरात में शेरों की स्थिति नियंत्रण में बताई गई

वन मंत्री मोढवाडिया ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, क्योंकि पिछले तीन दिनों से कोई नई मौत की खबर नहीं आयी है। उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक के बाद अधिकारियों के साथ मुद्दों पर चर्चा की। इस बीच, जामवाला में स्थित एनिमल केयर सेंटर का दौरा किया, जहां स्थिति की फिर से समीक्षा की जायेगी। इससे पहले, 8 दिन पहले ही 5 शावकों और 4 शेरों की मौत हुई थी। इसके नमूनों की जांच भी चल रही है।

MP हाईकोर्ट में बाघों की मौत से संबंधित याचिका दाखिल

मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहां जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की वेकेशन बेंच ने मामले को गंभीरता से लिया है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 2 अप्रैल 2022 से अब तक कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के कारण 10 बाघों की मौत हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

गुजरात में पहले भी हुई थी शेरों की मौत

याद दिला दें कि इससे पहले 2018 में गुजरात में एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत हुई थी। उस समय भी यह वायरस समस्या उत्पन्न कर चुका था। ऐसे में यह स्थिति और अधिक चिंताजनक बन जाती है। 2025 में गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या 891 हो गई है, लेकिन अब इनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

गुजरात में नए संक्रमण के कारण चिंताएं बढ़ीं

गुजरात के गिर में अब चार शावकों की मौत भी संदिग्ध संक्रमण के कारण हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इनमें बेबेसिया वायरस का संक्रमण हो सकता है। यह वायरस टिक्स (कीड़ों) के माध्यम से फैलता हैI

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos