जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा बड़ा एविएशन हब, 2,000 हेक्टेयर में आएंगी देश-दुनिया की बड़ी कंपनियां

The CSR Journal Magazine

जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा बड़ा एविएशन हब, 2,000 हेक्टेयर जमीन पर देश-विदेश की कंपनियों को लाने की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का इलाका आने वाले वर्षों में केवल हवाई यातायात का केंद्र नहीं, बल्कि विमानन से जुड़े उद्योगों का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की योजना के तहत जेवर एयरपोर्ट के आसपास विमानन क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों के लिए बड़े भू-भाग को विकसित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट के साथ ऐसा औद्योगिक और व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जहां देश-विदेश की विमानन कंपनियां, रखरखाव और मरम्मत से जुड़ी इकाइयां, माल ढुलाई कंपनियां तथा अन्य सहायक उद्योग स्थापित हो सकें। YEIDA के मास्टर प्लान में एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी/एयरोपोलिस आधारित विकास और औद्योगिक समूहों को बढ़ावा देने की स्पष्ट योजना है।

एयरपोर्ट के साथ विकसित होगा पूरा विमानन उद्योग तंत्र

जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक बड़े परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में सरकार और YEIDA की रणनीति केवल यात्रियों के लिए टर्मिनल और रनवे तैयार करने तक सीमित नहीं है। एयरपोर्ट के आसपास विमानन उद्योग से जुड़ी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की कोशिश है, जिनसे हवाई अड्डे को सीधे औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। योजना का बड़ा हिस्सा विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल यानी MRO जैसी गतिविधियों से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार के निवेश पोर्टल पर जेवर एयरपोर्ट के पास 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में MRO सुविधा विकसित करने की परियोजना दर्ज है, जिसकी प्रस्तावित लागत करीब 3,000 करोड़ रुपये बताई गई है। इसी तरह एयरपोर्ट के पास 500 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्गो हब की योजना भी दर्ज है, जिस पर करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान दिया गया है। दोनों परियोजनाओं के लिए YEIDA को नोडल एजेंसी बताया गया है।

2,000 हेक्टेयर का क्षेत्र क्यों है महत्वपूर्ण?

विमानन उद्योग के लिए बड़ी जमीन उपलब्ध होने का मतलब केवल रनवे या हवाई अड्डे की इमारत बनाना नहीं है। आधुनिक विमानन केंद्र के आसपास कई तरह की सहायक गतिविधियों की जरूरत होती है। इनमें विमान रखरखाव, कलपुर्जों का निर्माण और भंडारण, माल ढुलाई, विमानन प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, गोदाम, तकनीकी सेवाएं और अन्य औद्योगिक इकाइयां शामिल होती हैं। जेवर के आसपास बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास की योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। YEIDA के मास्टर प्लान 2041 में एयरपोर्ट के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को एयरपोर्ट से जोड़ने और एयरोपोलिस के माध्यम से रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राधिकरण का कहना है कि क्षेत्र में उद्योग को मुख्य आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित किया जाएगा और उसके साथ आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत तथा अन्य जरूरी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।

दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए तैयार होगा माहौल

जेवर एयरपोर्ट के पास विमानन उद्योग स्थापित होने से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसर बन सकते हैं। खास तौर पर वे कंपनियां जिन्हें बड़े एयरपोर्ट, कार्गो नेटवर्क और सड़क संपर्क की जरूरत होती है, उनके लिए यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। एयरपोर्ट से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों को विमानन क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला का लाभ मिलेगा। किसी विमान कंपनी या रखरखाव केंद्र को विमान के कलपुर्जे, तकनीकी उपकरण, इंजीनियरिंग सेवाएं और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे एक कंपनी के साथ-साथ उसके आसपास कई छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों के विकसित होने की संभावना रहती है। यही वजह है कि जेवर को केवल यात्री एयरपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने की सोच सामने आ रही है।

कार्गो कारोबार को भी मिलेगा बड़ा फायदा

जेवर एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति कार्गो कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर, आगरा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से जुड़ता है। YEIDA के बुनियादी ढांचे से संबंधित विवरण के अनुसार एयरपोर्ट तक पहुंच के लिए प्रमुख सड़कों का विकास किया जा रहा है। 120 मीटर चौड़ी सड़क का एक हिस्सा एयरपोर्ट तक पहुंच के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित किया गया है। एयर कार्गो हब बनने से इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों, उच्च मूल्य वाले सामान, जल्दी खराब होने वाले उत्पादों और निर्यात-आयात से जुड़े कारोबार को फायदा मिल सकता है। एयरपोर्ट के नजदीक गोदाम और लॉजिस्टिक्स केंद्र होने से माल को सड़क और हवाई मार्ग के बीच तेजी से स्थानांतरित किया जा सकेगा।

पहले से बन रहे हैं कई औद्योगिक पार्क

जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास की यह प्रक्रिया पहले से चल रही है। YEIDA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उसके क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क, डाटा सेंटर पार्क, फिल्म सिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए दर्ज उपलब्ध भूमि का कुल क्षेत्र 2,750 एकड़ है। इससे स्पष्ट है कि एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों के मिश्रित केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विमानन उद्योग इस औद्योगिक ढांचे को एक अतिरिक्त मजबूती दे सकता है।

रोजगार के भी खुलेंगे बड़े अवसर

विमानन उद्योग के विस्तार का सबसे सीधा प्रभाव रोजगार पर पड़ सकता है। एयरपोर्ट संचालन के अलावा विमान रखरखाव, इंजीनियरिंग, तकनीकी सेवाओं, सुरक्षा, कार्गो प्रबंधन, गोदाम, परिवहन, आतिथ्य, खानपान और अन्य सहायक क्षेत्रों में नौकरियां पैदा हो सकती हैं। इसके साथ ही उच्च कौशल वाले रोजगार की मांग भी बढ़ सकती है। विमान तकनीक, एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, विमान रखरखाव, लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर तैयार हो सकते हैं। YEIDA के मास्टर प्लान में भी एयरोपोलिस के माध्यम से आर्थिक आधार मजबूत करने और रोजगार अधिशेष क्षेत्र तैयार करने को प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, पूरा नया आर्थिक क्षेत्र

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास जिस तरह सड़क, औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स, आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है, उससे जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। YEIDA के मास्टर प्लान 2041 का उद्देश्य एयरपोर्ट से पैदा होने वाले आर्थिक अवसरों को आसपास के शहर और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ना है। योजना में भारी औद्योगिक यातायात के लिए बाहरी मार्ग, एयरपोर्ट के नजदीक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, सार्वजनिक परिवहन और पैदल तथा गैर-मोटर चालित परिवहन की व्यवस्था जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास आने वाले समय में एक ऐसा क्षेत्र विकसित करने की कोशिश हो रही है, जहां हवाई यातायात और उद्योग एक-दूसरे को गति देंगे। एयरपोर्ट से कंपनियों को बेहतर संपर्क मिलेगा और कंपनियों की मौजूदगी से एयरपोर्ट पर यात्री तथा कार्गो यातायात बढ़ने की संभावना बनेगी।

जेवर बन सकता है पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक प्रवेश द्वार

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर शुरुआती सरकारी योजनाओं में भी इसे केवल हवाई अड्डे के तौर पर नहीं, बल्कि आसपास औद्योगिक समूहों और अन्य आर्थिक गतिविधियों वाले एयरोपोलिस के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई थी। केंद्र सरकार की परियोजना संबंधी जानकारी में भी एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विकास को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया था। अब YEIDA के मौजूदा मास्टर प्लान में भी एयरपोर्ट से जुड़े आर्थिक गलियारे, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में 2,000 हेक्टेयर के आसपास विमानन गतिविधियों के लिए प्रस्तावित विकास जेवर की भूमिका को और व्यापक कर सकता है।
उद्योग, निवेश, रोजगार और व्यापार का नया केंद्र
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग परियोजनाओं के लिए जमीन, निवेश और निर्माण की स्थिति एक जैसी नहीं है। MRO और कार्गो हब जैसी परियोजनाओं को सरकारी निवेश पोर्टल पर प्रस्तावित परियोजनाओं के रूप में दर्ज किया गया है; इसलिए इन्हें पहले से पूरी तरह स्थापित उद्योग मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक निवेश, कंपनियों का अंतिम चयन, निर्माण और संचालन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। कुल मिलाकर, जेवर एयरपोर्ट के आसपास का इलाका आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण नए आर्थिक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। एयरपोर्ट, विमान रखरखाव, कार्गो, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक पार्कों का एक साथ विकास होने पर यहां सिर्फ हवाई यात्रा की सुविधा नहीं बढ़ेगी, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और व्यापार का एक नया केंद्र भी तैयार हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin& pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos