Ganeshotsav 2026: 9 साल बाद आएगा महासंयोग, अब 12 दिन मनाया जाएगा

The CSR Journal Magazine
गणपति बप्पा के भक्तों के लिए साल 2026 का गणेशोत्सव बेहद खास रहने वाला है। आमतौर पर गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशोत्सव लगभग 10 दिनों का होता है, लेकिन इस बार भक्तों को भगवान गणेश की पूजा के लिए 12 दिन का समय मिलेगा। चंद्र पंचांग की तिथि गणना के कारण इस बार गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी की अवधि सामान्य वर्षों से अलग है। यह एक अनोखी स्थिति है जो 9 साल बाद बन रही है। इसके पहले ऐसा संयोग 2017 में देखा गया था। अब फिर से भक्तों को गणपति बप्पा की आराधना के लिए दो और दिन मिल रहे हैं।

Ganeshotsav 2026: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी

इस बार गणेश चतुर्थी की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि से होगी, जो 14 सितंबर को सुबह 05:22 बजे से शुरू होगी। यह तिथि 15 सितंबर को सुबह 07:14 बजे तक रहेगी, जिससे निश्चित रूप से भक्तों को गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।

Ganeshotsav 2026: गणेश पूजा का सही मुहूर्त

गणेश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक रहेगा। वहीं गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 11:20 से 01:48 बजे तक होगा। शाम को पूजा के लिए गोधूलि मुहूर्त 06:42 से 07:05 बजे तक रहेगा। भक्तों को ध्यान रखना चाहिए कि सही मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना और पूजा करके वे अपने घर में सुख-समृद्धि ला सकते हैं।

12 दिन का गणेशोत्सव के पीछे का कारण

हिंदू पंचांग की तिथि गणना चंद्रमा की गति पर निर्भर करती है। चंद्र पंचांग में तिथियां हमेशा 24 घंटे की अवधि में नहीं होतीं। कभी कोई तिथि कम समय के लिए रहती है और कभी उसकी अवधि बढ़ जाती है। इसी गणना के कारण इस साल गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के बीच की कुल अवधि 12 कैलेंडर दिनों की हो रही है। इसलिए इस बार गणपति उत्सव 10 दिनों की तुलना में लंबे समय तक मनाया जाएगा।

गणेशजी की स्थापना 14 सितंबर को

2026 में गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन घरों, पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके बाद अगले 12 दिनों तक भक्त गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना, आरती, भजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। माना जाता है कि विघ्नहर्ता गणेशजी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।

25 सितंबर को होगा गणपति विसर्जन

विशेष गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इसी दिन श्रद्धालु विकास और प्रेम से गणपति बप्पा को विदाई देंगे और उनकी प्रतिमा का विसर्जन करेंगे। ध्यान रहे कि 14 सितंबर से 25 सितंबर तक कुल 12 कैलेंडर दिनों की अवधि है, जिसका मतलब है कि भक्तों को इस बार बप्पा की पूजा का अधिक समय मिलेगा।

9 साल बाद आया ऐसा मौका

2017 के बाद से 2026 में दोबारा 12 दिनों का गणेशोत्सव होना इसे और भी खास बना रहा है। भक्तों के लिए यह न केवल एक लंबा उत्सव है बल्कि बप्पा की भक्ति और आराधना का विशेष अवसर भी है। इस बार गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ, 14 सितंबर से 25 सितंबर तक यह गणेशोत्सव और भी भव्य और महिमामय होने वाला है।

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