गढ़चिरौली का कमाल: नीति आयोग की रैंकिंग में टॉप पर रहा जिला, कभी था नक्सलियों का डर

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ने हाल के दिनों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि गढ़चिरौली ने नीति आयोग की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही ‘डेल्टा रैंकिंग’ में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में जिलों की प्रगति को मानव विकास संकेतकों के आधार पर मापा जाता है। गढ़चिरौली ने यह स्थान इस समय हासिल किया है जब जम्मू-कश्मीर का बारामुला जिला दूसरे स्थान पर रहा।

सामाजिक सुधारों का मिलाजुला प्रयास

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपनी ‘एक्स’ पोस्ट में रिसर्च की इस उपलब्धि का श्रेय जल संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, महिला शिक्षा और औद्योगिक कौशल विकास जैसे कई क्षेत्रों में किए गए कामों को दिया है। उन्होंने बताया कि गढ़चिरौली में जल संरक्षण पहलों के अंतर्गत 6,000 से अधिक जल भंडारण संरचनाएं बनाई गई हैं, जिससे स्थानीय भूजल स्तर में सुधार हुआ है। इससे कृषि उपज भी बढ़ी है और ग्रामीण जल सुरक्षा में भी वृद्धि हुई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के लिए ठोस कदम

सीएम ने बताया कि सरकार ने दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में छात्रों के लिए स्कूलों में अलग शौचालय बनाया है। यह कदम ड्रॉपआउट दर को कम करने और संस्थागत स्वच्छता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, आधार से जुड़े बैंक खातों के प्रमाणीकरण में तेजी लाकर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे ग्रामीण वित्तीय समावेशन मजबूत हुआ है।

सामूहिक प्रयासों का परिणाम

इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन, जमीनी स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संगठनों और गढ़चिरौली के नागरिकों के समन्वित प्रयासों की सराहना की गई। सीएम ने कहा कि यह अनूठा प्रयास समर्पित शासन और जन भागीदारी का प्रमाण है। गढ़चिरौली की सफलता इस बात को साबित करती है कि कठिनाइयों के बावजूद भी क्षेत्र में सुधार हो सकता है।

नए उद्योगों का आगाज

नीति आयोग द्वारा गढ़चिरौली को शीर्ष पर चुने जाने के पीछे मुख्यमंत्री फडणवीस का दृष्टिकोण है, जिसमें उन्होंने गढ़चिरौली को भारत का प्रमुख ‘ग्रीन स्टील हब’ बनाने की योजना बनाई है। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि गढ़चिरौली कभी माओवादी उग्रवाद के लिए जाना जाता था। क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसे खनिज संसाधनों का प्रयोग कर गढ़चिरौली सस्टेनेबल स्टील उत्पादन की दिशा में काम करेगा।

आधुनिक तकनीकों की दिशा में सतत औद्योगीकरण

राज्य सरकार विदर्भ क्षेत्र में बड़े औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दे रही है। गढ़चिरौली को केंद्र बनाकर 50 एमटीपीए स्टील निर्माण क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां औद्योगिक परियोजनाओं को स्थायी, कम उत्सर्जन वाली तकनीकों के जरिए लागू किया जाएगा, जिससे गढ़चिरौली को भारत की ग्रीन स्टील क्रांति का केंद्र बनाया जा सके।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos