भीषण गर्मी के बीच राजस्थान के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून तय समय से करीब 5 दिन पहले प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः राजस्थान में मानसून 25 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार 20 जून के करीब बारिश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अच्छी बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत होगी, क्योंकि राजस्थान में ज्यादातर खेती बारिश के पानी पर निर्भर है। मानसून आने से सूखे तालाब भरेंगे, पेड़-पौधों को नया जीवन मिलेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
भीषण गर्मी के बीच राहतभरी खबर
राजस्थान में पड़ रही तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच मानसून को लेकर राहत देने वाली खबर सामने आई है। मौसम विभाग के नए अनुमान के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले राजस्थान पहुंच सकता है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके लगभग 5 दिन पहले यानी 20 जून के आसपास दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेशवासियों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी और किसानों के चेहरे पर खुशी लौटेगी।
केरल में जल्दी पहुंचेगा मानसून, राजस्थान पर भी असर
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार अपनी सामान्य तिथि 1 जून से पहले 26 मई को केरल तट पर पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बन रही अनुकूल मौसम प्रणालियां मानसून की रफ्तार को तेज कर रही हैं। अगले 24 घंटे में दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून केरल में समय से पहले पहुंचता है तो इसका सीधा असर राजस्थान पर भी पड़ेगा। ऐसे में प्रदेश में मानसून सामान्य समय से पहले सक्रिय हो सकता है और जून के तीसरे सप्ताह में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है अच्छी बारिश
राजस्थान में ज्यादातर किसानों की खेती आज भी बारिश के पानी पर निर्भर है। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई मानसून आने के बाद ही शुरू करते हैं। अच्छी बारिश होने का मतलब है कि किसानों को सीधी राहत मिलेगी।
समय पर बारिश से बाजरा, मूंग, उड़द, मक्का, सोयाबीन और अन्य फसलों की बुवाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में कम बारिश और सूखे जैसे हालात के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में इस बार समय से पहले और अच्छी बारिश की उम्मीद किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, भूजल स्तर सुधरेगा और पशुओं के लिए चारे की समस्या भी कम होगी।
सूखे तालाब और पेड़-पौधों को मिलेगा नया जीवन
भीषण गर्मी के कारण राजस्थान के कई इलाकों में तालाब, जोहड़ और छोटे जल स्रोत लगभग सूख चुके हैं। गांवों में पेड़-पौधे भी तेज गर्म हवाओं और पानी की कमी से प्रभावित हो रहे हैं। यदि मानसून अच्छी बारिश लेकर आता है तो सूखे पड़े तालाब फिर से भर सकेंगे और प्रकृति को नया जीवन मिलेगा। बारिश का पानी केवल खेती के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है। इससे जंगलों, पौधों और वन्यजीवों को राहत मिलेगी। गांवों में पेयजल संकट कम होगा और जल संरक्षण की स्थिति भी बेहतर होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का हर मौसम नई उम्मीद लेकर आता है और इस बार भी लोग अच्छी बरसात का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले वर्षों में कब पहुंचा मानसून
पिछले 11 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान में अधिकांश वर्षों में मानसून जून महीने में ही पहुंचा है। केवल साल 2019 में मानसून जुलाई में प्रवेश कर पाया था।
2015 – 26 जून
2016 – 22 जून
2017 – 27 जून
2018 – 27 जून
2019 – 2 जुलाई
2020 – 24 जून
2021 – 18 जून
2022 – 30 जून
2023 – 25 जून
2024 – 25 जून
2025 – 18 जून

