दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस को ‘पिंक फोर्स’ बनाने का निर्देश दिया है। इस कदम से महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। उपराज्यपाल ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर इस पहल की आवश्यकता थी।
बैठक में उठाए गए मुद्दे
एक बैठक में LG ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर शहर में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों को ऐसी जगह बनाया जाए जहां लोग खुलकर अपनी बातें कर सकें और मदद पा सकें। इन पहलों का असर और लोगों की प्रतिक्रिया पर भी चर्चा हुई, ताकि भविष्य में और बेहतर कदम उठाए जा सकें।
पुलिस का नागरिकों से संवाद, जन सुनवाई का डिजिटल ट्रैकिंग
LG ने निर्देश दिया कि हर पुलिस थाना एक संवाद का केंद्र बने, ताकि स्थानीय लोगों की आवाज़ सुनी जा सके। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और उन स्थानों पर पेट्रोलिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। स्कूल, कॉलेज और ट्रांसपोर्ट हब के आसपास खास ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। दिल्ली की पुलिस को जन सुनवाई में मिलने वाली शिकायतों को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के आदेश दिए गए हैं। हर शिकायत की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाएगी और तय समय सीमा के भीतर उस पर कार्यवाही होगी। यदि शिकायत किसी अन्य विभाग से जुड़ी है, तो उसे तुरंत संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।
‘पिंक फोर्स’ का गठन
दिल्ली में ‘पिंक फोर्स’ का गठन महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। यह विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की एक यूनिट होगी, जो स्कूल, कॉलेज और अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात की जाएगी। उपराज्यपाल ने इसे गोवा पुलिस के उदाहरण से जोड़कर बताया, जहां यह पहल सफल साबित हुई है।
बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता, नशे के खिलाफ पुख्ता कदम
उपराज्यपाल ने बच्चों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया और स्कूलों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए। POCSO अधिनियम और साइबर अपराध पर जागरूकता फैलाने के लिए नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। बच्चों के लिए खेल गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि पुलिस और समुदाय के बीच बेहतर संबंध स्थापित हो सकें। उपराज्यपाल ने नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने और साइबर अपराध की शिकायतों को सुलझाने में सुधार लाने के निर्देश दिए। पुलिस थानों में डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान
उपराज्यपाल ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय पर सुनवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, निचले रैंक के पुलिसकर्मियों की पदोन्नति समय पर करने और पुलिस कॉलोनियों को स्वच्छता के मामले में मॉडल कॉलोनी बनाने पर जोर दिया गया।
BRICS समिट की सुरक्षा की सराहना
अंत में, उपराज्यपाल ने BRICS समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर प्लानिंग और तालमेल से इस आयोजन को सफल बनाया गया। दिल्ली पुलिस को इस अनुभव का लाभ उठाकर भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा को मजबूत करने की सलाह दी गई।
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