जम्मू-कश्मीर: सलाल-बगलिहार डैम से चिनाब में बढ़ेगा जलस्तर, 26 जुलाई तक अलर्ट

The CSR Journal Magazine
सलाल डैम के स्पिलवे गेट 17 जुलाई सुबह 9 बजे से 26 जुलाई तक गाद निकालने के लिए खोले जाएंगे। वहीं बगलिहार डैम में 16 जुलाई रात करीब 10 बजे से ड्रॉडाउन फ्लशिंग शुरू होगी। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फ्लशिंग के दौरान चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिला प्रशासन ने चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अहम एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन के अनुसार, सलाल पावर स्टेशन, ज्योतिपुरम और बगलिहार डैम से गाद (Reservoir Silt Flushing) निकालने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके चलते चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

फ्लशिंग की प्रक्रिया

एडवाइजरी के मुताबिक, सलाल डैम के स्पिलवे गेट 17 जुलाई सुबह 9 बजे से 26 जुलाई तक गाद निकालने के लिए खोले जाएंगे। वहीं बगलिहार डैम में 16 जुलाई रात करीब 10 बजे से ड्रॉडाउन फ्लशिंग शुरू होगी। दरअसल, बगलिहार डैम में समय-समय पर फ्लशिंग के लिए गेट पहले भी खोले जाते रहे हैं, लेकिन सलाल डैम का मामला अलग है। सिंधु जल संधि के प्रावधानों के चलते वर्षों तक सलाल डैम में नियमित रूप से फ्लशिंग नहीं हो सकी थी। भारत का कहना रहा है कि संधि के कारण डैम में जमा गाद निकालने पर व्यावहारिक सीमाएं थीं, जिससे जलाशय की क्षमता भी प्रभावित होती रही। अब सिंधु जल संधि को भारत द्वारा निलंबित किए जाने के बाद सलाल डैम में गाद निकालने का काम लगातार किया जा रहा है।

क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फ्लशिंग के दौरान चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसका असर सलाल डैम के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के कई गांवों पर पड़ेगा। इनमें धरान, थनपाल, अमास, साई लंजन, नर्दू, गरी, सालमोट के अलावा गुज्जर कोठी, सैद बाबा, बिड्डा, कच्छी खेड़ा, तलवाड़ा, नंबला, विजयपुर, बारा दरी, पट्टा, कंसी पट्टा, जेधली, पनासा, बड्डेर, चुम्बियां, डेरा बाबा बंदा बहादुर और सेरी जैसे इलाके शामिल हैं।

अलर्ट की अवधि

16 जुलाई रात 10 बजे से 26 जुलाई तक लोगों को चिनाब नदी के किनारे जाने, राफ्टिंग करने, वाहनों की आवाजाही और मवेशियों को नदी के पास ले जाने से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को नदी किनारे निगरानी रखने और लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें और सुरक्षा के मद्देनजर चिनाब नदी के किनारे जाने से बचें।

पाकिस्तान में संभावित बाढ़ की चिंता

इस फ्लशिंग का असर पाकिस्तान पर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि चिनाब नदी आगे पाकिस्तान में प्रवेश करती है। यदि बड़ी मात्रा में पानी और सिल्ट छोड़ी जाती है तो पाकिस्तान के चिनाब बेसिन से जुड़े कुछ निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा

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