NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की सीबीआई ने मनीषा मंधारे नाम की एक महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा को NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था, जिसने बायोलॉजी पेपर लीक की पूरी योजना बनाई थी। जांच के दौरान पता चला है कि उसने स्कूल में छात्रों को NEET के संभावित प्रश्नों की कोचिंग दी थी।
छात्रों की सफल तैयारियों का राज
सीबीआई का कहना है कि मंधारे ने पुणे के मनीषा वाघमारे के माध्यम से कई NEET अभ्यर्थियों से संपर्क किया। वाघमारे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार, मंधारे अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लासेस चलाती थी, जहां वह छात्रों को लीक प्रश्नों के उत्तर बताती थी। ऐसे में छात्रों को असली परीक्षा में मदद करने का प्रयास किया गया।
साक्ष्यों की खोजबीन जारी
सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर के छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इन छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। माना जा रहा है कि इन सबूतों के माध्यम से और भी आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है।
जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है
यह मामला शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर 12 मई 2026 को सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। सीबीआई ने विशेष टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें से 5 को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बिचौलियों की पहचान
जांच एजेंसियों ने बताया है कि अब तक की जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के असली स्रोत का पता चल चुका है। इन बिचौलियों की भी पहचान की गई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को ऐसे क्लासेस तक पहुंचाया जहां परीक्षा के सवाल पहले ही बताए जा रहे थे।
सीबीआई की कार्रवाई जारी
सीबीआई ने यह निर्णय लिया है कि जांच को पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ाया जाएगा। इन मामलों में कई और लोगों से पूछताछ की जा रही है और इस मामले में चल रहे हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। सीबीआई के अधिकारियों का कहना है कि इससे संबंधित सभी जरूरी कार्यवाही बिना किसी देरी के की जाएगी।
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