बिहार में बड़ा शहरीकरण प्लान, 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप; शराबबंदी पर भी सरकार का सख्त रुख

The CSR Journal Magazine

शहरी विकास की योजनाओं का ऐलान

बिहार के पंचायत आजतक के सेशन ‘शहर… शहर… विकास की डगर’ में चर्चा की गई कि कैसे शहरीकरण की रफ्तार को बढ़ाया जाए। बिहार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बना रही है। यह कदम बिहार में शहरीकरण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की शहरी आबादी केवल 11 प्रतिशत थी, जबकि देश का औसत 31 प्रतिशत था।

आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेगी नई योजना

नीतीश मिश्रा ने कहा कि शहर सिर्फ आवास का साधन नहीं होते, बल्कि ये आर्थिक गतिविधियों और रोजगार का भी बड़ा केंद्र बन सकते हैं। इसी सोच से प्रेरित होकर नई टाउनशिप की अवधारणा तैयार की जा रही है। सरकार ने HUDCO के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत एक लाख करोड़ रुपये का दीर्घकालिक वित्तपोषण प्राप्त होगा। इस फंड का उपयोग शहरी विकास संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा।

शराबबंदी पर सरकार का स्पष्ट संदेश

मद्यनिषेध मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी की पुरानी व्यवस्था को ख़त्म करने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने बताया कि शराबबंदी का निर्णय 2016 में लिया गया और इसे कई सामाजिक संगठनों और महिलाओं का समर्थन मिला। साथ ही, सरकार के द्वारा कराए गए सर्वे में 93 प्रतिशत लोग इस नीति के समर्थन में हैं।

तस्करी और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

हालांकि, मदन सहनी ने स्वीकार किया कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छापेमारी कर रही है और नशीले पदार्थों के खिलाफ गहरी कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ महीनों में इन अपराधों में तेजी आई है। सहनी ने बताया कि कुछ कंपनियों को नोटिस भी भेजा गया है जो अवैध तरीके से शराब बेचने में शामिल हैं।

राजस्व नुकसान का सामना करने की रणनीति

राजस्व को लेकर उठाए गए सवालों पर मदन सहनी ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार को शराबबंदी के दौरान आर्थिक नुकसान का अंदाजा था। हालांकि, उन्होंने बताया कि इससे विकास योजनाओं में बाधा नहीं आई है। उनके अनुसार, समाज में नशे के प्रभाव को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

सूखे नशे की बढ़ती समस्या

कई युवा सूखे नशे की ओर बढ़ रहे हैं, इस पर सहनी का कहना था कि यह समस्या केवल बिहार तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे राज्य हैं जहां शराबबंदी नहीं है, फिर भी नशीले पदार्थों की समस्या बनी हुई है। इसीलिए, नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

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