15 दस्तावेज दिए लेकिन ना साबित कर पाए पिता की पहचान, असम के दिहाड़ी मजदूर की नागरिकता गई

The CSR Journal Magazine
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने हाल में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नागरिकता के दस्तावेजों की वैधता पर जोर दिया है। अदालत ने कहा कि केवल दस्तावेज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका आपस में मेल खाना और सही कानूनी प्रमाण होना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करनी है, तो उसे कई दस्तावेज पेश करने होंगे, जैसे कि वोटर लिस्ट, आधार कार्ड, आदि। मौखिक जानकारी या परिवार के संबंध बताने से नागरिकता साबित नहीं हो सकती।

नागांव के दिहाड़ी मजदूर का मामला

ये मामला असम के नागांव जिले के एक शख्स का है, जिसे 2017 में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने विदेशी घोषित कर दिया। ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि वह 25 मार्च 1971 के बाद भारत में आए विदेशी हैं। इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट में अपनी नागरिकता की याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि वह जन्म से भारतीय नागरिक हैं और उनके पिता का नाम 1970 की वोटर लिस्ट में है।

क्यों मिली नागरिकता के दस्तावेजों में कमी?

याचिकाकर्ता ने 1951 से 2014 तक कई दस्तावेज पेश किए, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने बताया कि दिये गए डॉक्यूमेंट्स में कई गलतियां थीं और पारिवारिक संबंध साबित करने वाले दस्तावेजों की कमी थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक रूप से रिश्ते बताना काफी नहीं है, इसे सत्यापित करने के लिए दस्तावेज भी होने चाहिए।

दस्तावेजों का आपसी मेल जरूरी

कोर्ट ने बताया कि वोटर लिस्ट केवल एक डॉक्यूमेंट है और इसे तब तक मान्य नहीं माना जा सकता जब तक यह साबित न हो सके कि यह याचिकाकर्ता के परिवार से जुड़ा है। प्रस्तुत रिकॉर्ड में नामों और रिश्तों की बेमेल ने पूरी दलील को कमजोर कर दिया। जिन दस्तावेजों का हवाला दिया गया, उनमें एक दूसरे से मेल नहीं था, जिससे दावे पर संदेह पैदा हुआ।

नागरिकता के लिए जरूरी कानूनी प्रावधान

भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कई दस्तावेज आवश्यक हैं, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट। हालांकि, अकेले ये दस्तावेज नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माने जाते। नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत किसी भी व्यक्ति की नागरिकता का निर्धारण होती है। अगर कोई व्यक्ति जन्म से भारतीय नागरिक है, तो जन्म प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकता है।

अंतिम फैसला: गुवाहाटी हाई कोर्ट की स्थिति

अदालत ने याचिकाकर्ता की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने सही कानूनी सलाह नहीं दी, लेकिन इसके लिए याचिकाकर्ता ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। कोर्ट ने कहा कि ये किसी भी नए सुनवाई का आधार नहीं बन सकता। लिहाजा, हाई कोर्ट ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के फैसले को बरकरार रखा है।

डॉक्यूमेंट्स की महत्ता

भारत में नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज इस बात का सुबूत होते हैं कि आप भारतीय नागरिक हैं। नागरिकता हासिल करने के लिए उचित दस्तावेज़ों और कानून के आधार पर ही फैसला लिया जाता है। नागरिकता अधिनियम के प्रावधान का पालन करना आवश्यक है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos