विझिंजम पोर्ट ने खोला ग्लोबल ट्रेड का नया रास्ता, भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

The CSR Journal Magazine
केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट यानी EXIM ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही यह बंदरगाह सिर्फ ट्रांसशिपमेंट हब नहीं रहेगा, बल्कि भारत के आयात-निर्यात कारोबार को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले अहम समुद्री गेटवे के रूप में विकसित होगा। इस पहल से विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम होने, ट्रांजिट टाइम घटने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

सड़क-रेल कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस

EXIM ऑपरेशन की शुरुआत के मौके पर केरल सरकार और APSEZ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्य की बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। केरल सरकार ने विझिंजम को केंद्र में रखते हुए सड़क और रेल नेटवर्क मजबूत करने की योजना पर जोर दिया है। रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण पर ₹3,200 करोड़ खर्च करने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से बंदरगाह की क्षमता का पूरा लाभ उठाया जा सकेगा।

अदाणी पोर्ट्स ने बताया वैश्विक व्यापार का नया द्वार

APSEZ के CEO और पूर्णकालिक निदेशक अश्विनी गुप्ता ने विझिंजम को भारत और वैश्विक बाजार के बीच नए संपर्क द्वार के रूप में बताया। उनके मुताबिक, परियोजना का उद्देश्य केवल कार्गो संभालना नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व को मजबूत करना भी है। दूसरे चरण के निवेश के साथ विझिंजम परियोजना में अदाणी समूह का कुल निवेश ₹30,000 करोड़ तक पहुंचने की बात कही गई है।

भारत के समुद्री कारोबार को मिलेगा सीधा लाभ

भारत का बड़ा हिस्सा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट अभी विदेशी बंदरगाहों से होकर गुजरता है। इससे अतिरिक्त लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। विझिंजम में EXIM सेवाएं शुरू होने से भारतीय आयातकों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क तक अधिक सीधी पहुंच मिल सकती है। इससे सप्लाई चेन अधिक कुशल होने और देश के समुद्री व्यापार को अतिरिक्त मूल्य मिलने की संभावना है।

बड़े जहाज संभालने की क्षमता पहले ही साबित

पूर्व-पश्चिम शिपिंग रूट के करीब स्थित विझिंजम ने कम समय में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। बंदरगाह ने 2.28 मिलियन से अधिक TEUs और 1,100 से ज्यादा जहाजों को संभाला है। इसमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स भी शामिल हैं। 24,346 TEUs क्षमता वाले 399.99 मीटर लंबे MSC Irina जैसे बड़े जहाज का संचालन इसकी वैश्विक क्षमता को दर्शाता है।

दक्षिण भारत के उद्योगों को मिलेगा नया बाजार

शुरुआती EXIM कैचमेंट में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं। इससे बेंगलुरु, कोयंबटूर और तिरुपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर समुद्री कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और फ्रेट फॉरवर्डिंग में भी नए अवसर बन सकते हैं। परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

फेज टू में क्षमता और कनेक्टिविटी का विस्तार

विझिंजम के अगले चरण में ₹16,000 करोड़ के निवेश से वार्षिक क्षमता 5.7 मिलियन TEUs तक बढ़ाने की योजना है। इसके तहत 1,200 मीटर का नया कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। दिसंबर 2028 तक चरण का विकास पूरा करने का लक्ष्य है। इससे विझिंजम भारत के वैश्विक व्यापार नेटवर्क में और मजबूत भूमिका निभा सकता है।
विझिंजम पोर्ट ने शुरू किया EXIM ऑपरेशन, भारत को बड़ा फायदा
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केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट ऑपरेशंस शुरू कर दिए हैं। इससे भारत की विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता घट सकती है और दक्षिण भारत के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बंदरगाह के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, रोजगार और निजी निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
Focus Keyphrase
विझिंजम पोर्ट EXIM ऑपरेशन
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विझिंजम पोर्ट ने EXIM ऑपरेशन शुरू किया, जिससे भारत का समुद्री व्यापार और दक्षिण भारत के कारोबार को बड़ा फायदा मिलेगा।
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Vizhinjam Port, EXIM Operations, Adani Ports, Kerala Port, Indian Maritime Trade, Transshipment Hub, South India Trade, Shipping, Logistics, Global Trade
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