बेतवडे में बनेंगे 3,084 PMAY घर, ठाणे नगर निगम का 750 करोड़ का टेंडर जारी

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बेतवडे में 3,084 PMAY घरों का रास्ता साफ, ठाणे नगर निगम ने ₹750 करोड़ का टेंडर निकाला

ठाणे के दिवा-बेतवडे इलाके में लंबे समय से अटकी किफायती आवास योजना को अब गति मिलने की उम्मीद है। ठाणे नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बेतवडे में 3,084 घरों के निर्माण के लिए करीब 750.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। यह परियोजना पहले सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी, लेकिन निजी डेवलपर्स की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद अब इसे EPC यानी Engineering, Procurement and Construction मॉडलपर पूरा करने का फैसला किया गया है। यह परियोजना दिवा और डोंबिवली के बीच स्थित बेतवडे क्षेत्र में दो भूखंडों पर प्रस्तावित है। नगर निगम के अनुसार, सर्वे नंबर 78 पर 2,480 और सर्वे नंबर 15/1 पर 604 घर, यानी कुल 3,084 आवासीय इकाइयां बनाई जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

कई वर्षों से अटका था प्रोजेक्ट

बेतवडे की यह आवास योजना नई नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यहां आवास निर्माण का प्रस्ताव कई साल पहले तैयार किया गया था। केंद्र सरकार से जुड़े आवास स्वीकृति रिकॉर्ड में बेतवडे के सर्वे नंबर 78 पर 1,456 और सर्वे नंबर 15/1 पर 336 घरों की पुरानी परियोजना दर्ज है। इन पुराने प्रस्तावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS और मध्यम आय वर्ग यानी MIG के लिए अलग-अलग आवास शामिल थे। बाद में परियोजना की संरचना और कार्यान्वयन योजना में बदलाव किए गए। ठाणे नगर निगम ने इसे निजी भागीदारी के माध्यम से पूरा करने का प्रयास किया। इसके तहत डेवलपर को परियोजना के निर्माण और विकास में भागीदारी करनी थी। लेकिन निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई गई। शर्तों में बदलाव के बाद भी जब अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला, तब नगर निगम ने PPP मॉडल को आगे न बढ़ाने का फैसला किया। अब नगर निगम ने पूरी परियोजना को अपने स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके लिए EPC मॉडल अपनाया गया है। इस व्यवस्था में परियोजना के इंजीनियरिंग कार्य, आवश्यक सामग्री की खरीद और निर्माण पूरा करने की जिम्मेदारी चयनित ठेकेदार की होगी। इसके विपरीत PPP मॉडल में निजी डेवलपर की भागीदारी अधिक महत्वपूर्ण होती है।

750 करोड़ रुपये से होगा निर्माण

बेतवडे की नई परियोजना पर लगभग 750 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। नगर निगम ने इसी आधार पर निर्माण कार्य के लिए ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की है। निविदा प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक ठेकेदार 21 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक अपनी निविदा जमा कर सकते हैं। निविदा से पहले की बैठक 8 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जबकि प्रक्रिया के अनुसार निविदाएं 23 अक्टूबर को खोली जा सकती हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र ठेकेदार का चयन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यानी फिलहाल 3,084 घरों का निर्माण टेंडर चरण में पहुंच चुका है और अगला महत्वपूर्ण चरण ठेकेदार का चयन तथा कार्यादेश जारी करना होगा।

किसे मिलेगा घर?

परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशा-निर्देशों के तहत पात्र लाभार्थियों के लिए है। PMAY के किफायती आवास कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और जरूरतमंद शहरी परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। लाभार्थियों की पात्रता निर्धारित करते समय परिवार की आय, आवास की स्थिति और योजना के अन्य निर्धारित मानदंडों को ध्यान में रखा जाता है। ऐसे परिवार जिनके पास पहले से देश में कहीं पक्का मकान नहीं है और जो योजना के निर्धारित आय तथा अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें योजना के तहत लाभ मिल सकता है। हालांकि बेतवडे परियोजना में प्रत्येक लाभार्थी को आवास आवंटित करने की अंतिम प्रक्रिया नगर निगम की पात्रता जांच और संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार होगी। इसलिए केवल परियोजना में घरों की संख्या घोषित होने से किसी व्यक्ति का आवास स्वतः सुनिश्चित नहीं माना जा सकता।

दिवा-बेतवडे इलाके में बढ़ती आवास जरूरत के बीच अहम परियोजना

दिवा और उसके आसपास के इलाकों में पिछले वर्षों में आबादी और आवास की मांग तेजी से बढ़ी है। मुंबई महानगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कीमत वाले घरों की तलाश करने वाले परिवारों के लिए दिवा, डोंबिवली और आसपास के क्षेत्र महत्वपूर्ण आवासीय क्षेत्र बन चुके हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में किफायती घरों वाली सरकारी आवास परियोजना का पूरा होना स्थानीय आवास जरूरत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम के लिए भी यह परियोजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे लंबे समय से अलग-अलग मॉडल के जरिए आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था। निजी भागीदारी के माध्यम से इसे पूरा करने में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद अब नगर निगम ने खुद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना है।

पहले की योजना और अब के प्रस्ताव में अंतर

बेतवडे परियोजना से जुड़े पुराने सरकारी रिकॉर्ड में सर्वे नंबर 78 के लिए कुल 1,456 घर और सर्वे नंबर 15/1 के लिए 336 घर प्रस्तावित थे। इनमें EWS और MIG श्रेणी के आवास शामिल थे। अब नगर निगम की नई निविदा में दोनों भूखंडों पर कुल 3,084 घर बनाए जाने की बात सामने आई है। यानी मौजूदा निविदा में प्रस्तावित आवास संख्या पुराने स्वीकृत विवरण से अलग और काफी अधिक है। यह बदलाव परियोजना के पुनर्गठन और नए कार्यान्वयन मॉडल से जुड़ा है। पुराने और मौजूदा प्रस्ताव के आंकड़ों को एक समान मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि परियोजना के आकार, मॉडल और कार्यान्वयन में समय के साथ बदलाव हुए हैं।

EPC मॉडल से क्यों बदली तस्वीर?

EPC मॉडल का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी एक निर्धारित ठेकेदार को दी जाती है, जबकि परियोजना का वित्तीय और प्रशासनिक नियंत्रण नगर निगम के पास रहता है। ठेकेदार को तय तकनीकी मानकों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम पूरा करना होता है। बेतवडे परियोजना के मामले में यह बदलाव इसलिए आया क्योंकि PPP मॉडल के तहत पर्याप्त निजी प्रतिसाद नहीं मिला। अब नगर निगम अपने स्तर पर परियोजना को आगे बढ़ाएगा और निर्माण के लिए ठेकेदार नियुक्त करेगा। इससे परियोजना को निजी डेवलपर की रुचि पर निर्भर रहने के बजाय नगर निगम के माध्यम से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सबसे पहले निविदा प्रक्रिया पूरी होगी। 21 अक्टूबर तक प्रस्ताव मिलने के बाद तकनीकी और वित्तीय जांच की जाएगी। इसके बाद पात्र ठेकेदार का चयन किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया में कोई बड़ी अड़चन नहीं आने पर कार्यादेश जारी किया जा सकता है और उसके बाद निर्माण की शुरुआत होगी। इस तरह बेतवडे में 3,084 PMAY घरों की परियोजना अब केवल प्रस्ताव या योजना के स्तर पर नहीं है, बल्कि 750 करोड़ रुपये से अधिक की निर्माण निविदा जारी होने के चरण में पहुंच गई है। हालांकि घर कब तक बनकर तैयार होंगे और लाभार्थियों को कब तक कब्जा मिलेगा, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी निविदा प्रक्रिया पूरी होने और ठेकेदार की नियुक्ति के बाद ही स्पष्ट होगी।

किफायती आवास की दिशा में एक बड़ा कदम

कुल मिलाकर, दिवा-बेतवडे क्षेत्र के लिए यह परियोजना किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वर्षों तक PPP मॉडल में अटके रहने के बाद नगर निगम ने अब EPC मॉडल के जरिए परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यदि निविदा प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी होती है और निर्माण में आगे कोई प्रशासनिक या तकनीकी अड़चन नहीं आती, तो बेतवडे में हजारों परिवारों के लिए किफायती आवास तैयार करने का काम जमीन पर आगे बढ़ सकता है।

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