स्पाइसजेट को 50 करोड़ जमा करने में देरी, दिल्ली हाई कोर्ट से मांगा चार हफ्ते का समय

The CSR Journal Magazine
नई दिल्ली में स्पाइसजेट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। एयरलाइन और उसके प्रमोटर अजय सिंह ने कलानिधि मारन और काल एयरवेज के साथ चल रहे कानूनी विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट से 50 करोड़ रुपये जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। कंपनी की ओर से कहा गया कि तय समय तक रकम जमा नहीं हो सकी है। स्पाइसजेट की ओर से अदालत में बताया गया कि कंपनी को केंद्र सरकार से मिलने वाली आपातकालीन क्रेडिट सहायता की दूसरी किस्त अभी तक नहीं मिली है। एयरलाइन के मुताबिक इसी वजह से 50 करोड़ रुपये की रकम जमा करने में देरी हुई है।

27 अगस्त तक जमा करनी थी रकम

स्पाइसजेट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि कंपनी को जून में केंद्र सरकार से आपातकालीन क्रेडिट सहायता की पहली किस्त मिली थी। इस रकम का इस्तेमाल एयरलाइन के कामकाज को चलाने में किया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि कंपनी को दूसरी किस्त मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक यह रकम नहीं मिली है। इसी वजह से 50 करोड़ रुपये जमा करने की समयसीमा पूरी नहीं हो सकी। यह रकम 27 अगस्त 2026 तक कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करनी थी। कंपनी ने अब अदालत से करीब चार सप्ताह का अतिरिक्त समय देने की मांग की है, ताकि रकम की व्यवस्था कर भुगतान किया जा सके।

21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

स्पाइसजेट की अर्जी पर सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने अर्जी को सुनवाई के लिए 21 सितंबर को सूचीबद्ध कर दिया है। इसी दिन मामले से जुड़ी मुख्य याचिका पर भी सुनवाई होनी है। अदालत ने सोमवार को स्पाइसजेट को तत्काल अतिरिक्त समय देने का कोई आदेश जारी नहीं किया। अब कंपनी की मांग पर अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।

144 करोड़ रुपये जमा करने का है आदेश

यह पूरा मामला स्पाइसजेट और कारोबारी कलानिधि मारन तथा काल एयरवेज के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद से जुड़ा है। इस विवाद में मध्यस्थता यानी आर्बिट्रेशन के फैसले को लेकर भी कानूनी लड़ाई चल रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले स्पाइसजेट और अजय सिंह को आर्बिट्रल अवार्ड से जुड़े मामले में करीब 144 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। 13 जुलाई को स्पाइसजेट ने अदालत को भरोसा दिया था कि वह 45 दिनों के भीतर कोर्ट रजिस्ट्री में 50 करोड़ रुपये जमा करेगी। इसके अलावा बाकी करीब 94.50 करोड़ रुपये अगले 90 दिनों में जमा करने की बात कही गई थी।

अब दूसरी किस्त मिलने पर टिकी नजर

स्पाइसजेट की ओर से अदालत में कहा गया है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली आपातकालीन क्रेडिट सहायता की दूसरी किस्त का इंतजार है। कंपनी का कहना है कि दूसरी किस्त नहीं मिलने की वजह से वह अदालत की ओर से तय रकम समय पर जमा नहीं कर पाई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। उस दिन अदालत स्पाइसजेट की अतिरिक्त समय की मांग पर आगे फैसला कर सकती है। साथ ही मुख्य मामले की सुनवाई भी होगी।

स्पाइसजेट के लिए क्यों अहम है मामला?

स्पाइसजेट पहले से ही वित्तीय दबाव और कई कानूनी मामलों से जूझती रही है। ऐसे में अदालत के निर्देश के मुताबिक बड़ी रकम जमा करना एयरलाइन के लिए महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजर 21 सितंबर की सुनवाई और केंद्र सरकार से मिलने वाली दूसरी क्रेडिट सहायता की किस्त पर रहेगी।

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