दुष्कर्म मामलों पर जजों के लिए NJA की नई गाइडलाइन, संवेदनशील भाषा पर जोर

The CSR Journal Magazine
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (NJA) ने हाल ही में एक नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में जजों को दुष्कर्म और सेक्सुअल हैरेसमेंट के मामलों की सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सावधानियाँ बरतने के लिए कहा गया है। विशेषज्ञ समिति के अनुसार, जजों को पीड़ित के चरित्र, कपड़ों और जीवनशैली के बजाय केवल सबूतों के आधार पर फैसला देने की सलाह दी गई है।

संवेदनशीलता का महत्व

इस दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है कि जजों को “लज्जा भंग”, “हवस” और “इज्जत” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। NJA ने इस संदर्भ में “ज्यूडीशियल सेंसिटिविटी हैंडबुक” तैयार की है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2026 में मंजूरी दी थी। इस हैंडबुक का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सक्षम और संवेदनशील बनाना है।

नैतिकता और निष्पक्षता की आवश्यकता

NJA की रिपोर्ट बताती है कि न्यायिक भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष और गरिमापूर्ण न्याय का आधार भी है। असंवेदनशील भाषा और पीड़ित को दोषी ठहराने वाले टिप्पणियों से सर्वाइवर्स मानसिक आघात का सामना कर सकते हैं। इसकी वजह से वे न्याय से भी दूर हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने इस दिशा में तेजी लाते हुए कहा है कि अदालतों को सम्मानजनक, तटस्थ और पीड़ित-केन्द्रित भाषा अपनानी चाहिए। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 10 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक विवादस्पद फैसले के बाद इस दिशा-निर्देश का विकास किया गया है।

रस्साकसी का असर

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था कि ऐसी टिप्पणियाँ पीड़ित पर भय-प्रभाव डालती हैं, जो कि उनके लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती हैं। अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ित को डराने वाले शब्दों का प्रयोग न हो। 14 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में, एडवोकेट गुप्ता ने पटना हाईकोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया, जिस पर सीजेआई सूर्यकांत ने चकित होकर प्रतिक्रिया दी।

जजों की संवेदनशीलता जरूरी

सीजेआई ने इस मुद्दे की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए जजों से आग्रह किया कि उन्हें संवेदनशील होना चाहिए और कानूनी जांच के बिना फैसले नहीं देने चाहिए। यह सुझाव न्यायिक प्रणाली में संवेदनशीलता और समझ को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

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