24 घंटे में 3 बार बदला स्कोर, 650 से घटकर 135 रह गए नंबर, दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा NEET छात्र

The CSR Journal Magazine
नीट NEET की परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA एक बार फिर चर्चा में है। एक छात्र ने दावा किया है कि एनटीए के पोर्टल पर उसका स्कोर 24 घंटे में तीन बार बदला गया। इस छात्र ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। छात्र ने याचिका में मांग की है कि उसे असली OMR शीट दिखाई जाए और उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।

स्कोर में अचानक गिरावट ने बढ़ाई चिंताएं

छात्र का आरोप है कि परीक्षा परिणाम के बाद उसकी संभावित स्कोर 620 था, लेकिन एग्जाम के एक दिन बाद जब उसने एनटीए के पोर्टल पर लॉग इन किया, तो उसके अंक 650 दिखाई दिए। थोड़ी देर बाद, जब उसने दोबारा लॉग इन किया, तो उसके अंक घटकर 500 हो गए। इसी दिन जब छात्र ने तीसरी बार अपने स्कोर की जांच की, तो यह केवल 135 रह गया। छात्र ने कहा कि एनटीए ने इस बदलाव का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।

कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई

अब यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। छात्र के वकील विनीत जिंदल ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि एनटीए को उस छात्र की असली OMR आंसर शीट और परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारियाँ पेश करने का आदेश दिया जाए। वकील ने यह भी सुझाव दिया है कि आंसर शीट की चेकिंग प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई होने की संभावना है।

छात्र ने किया एनटीए से संपर्क

छात्र ने एनटीए को कई बार ईमेल भेजकर जानकारी मांगी और आरटीआई के माध्यम से भी असली OMR शीट की मांग की। फिर, 20 जुलाई को वह खुद एनटीए के दफ्तर पहुंचा। वहां अधिकारियों ने उसे एक आंसर शीट दिखाई, जिसके बारे में एनटीए ने दावा किया कि यह उसकी OMR शीट है। हालांकि, छात्र का कहना है कि उसे दिखाई गई आंसर शीट उसकी नहीं थी। एनटीए के अधिकारियों ने कहा कि यही उसकी इकलौती आंसर सीट है और इसे कोर्ट में भी पेश किया जाएगा।

छात्र के प्रयासों का कोई असर?

छात्र ने अपनी असली OMR शीट की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि एनटीए ने जिस आंसर शीट को उसे दिखाया, वह उसकी नहीं थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या एनटीए ने परीक्षा के परिणामों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए हैं या नहीं। आंतरिक जांच की आवश्यकता अब पहले से ज्यादा महसूस हो रही है।

परीक्षा में ईमानदारी के सवाल

इस मामले ने नीट परीक्षा में पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना आवश्यक है। इस मामले की सुनवाई से वास्तव में एनटीए की कार्यशैली की जांच की जा सकती है। क्या छात्र को न्याय मिलेगा? यह तो अदालत ही तय करेगी।

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