MP Cabinet Decisions: CM Mohan Yadav की कैबिनेट के बड़े फैसले, ₹41 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रस्तावों को मंजूरी; 3 नए टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय भी बनेंगे

The CSR Journal Magazine
MP CM Mohan Yadav Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने 1 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विकास, ग्रामीण रोजगार, सड़क, डेयरी, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े ₹41 हजार करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में तीन नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय बनाने, पश्चिम भोपाल बायपास के निर्माण और ग्रामीण रोजगार योजना सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

MP CM Mohan Yadav Cabinet Decisions: ग्रामीण क्षेत्रों में अब 125 दिन का रोजगार

कैबिनेट ने ‘विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना’ को मंजूरी दी है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले इच्छुक वयस्क सदस्यों को अब हर वित्तीय वर्ष में 100 दिन की जगह 125 दिन के श्रम आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। 2026-27 में योजना पर अनुमानित ₹3,183 करोड़ खर्च होंगे, जबकि 2026-27 से 2030-31 तक इसकी अनुमानित कुल लागत ₹26,436 करोड़ बताई गई है। केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 होगी।

MP CM Mohan Yadav Cabinet Decisions: हर जिले में होगा लोकपाल

योजना में पारदर्शिता और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए हर जिले में लोकपाल नियुक्त किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में विकास की योजनाएं GIS आधारित तकनीक और पीएम गति शक्ति की मदद से तैयार की जाएंगी। बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और हर छह महीने में सामाजिक अंकेक्षण को भी अनिवार्य किया गया है।

डेयरी क्षेत्र के लिए ₹2,973 करोड़

कैबिनेट ने दुग्ध उत्पादकों के हित में ₹2,973 करोड़ की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक करने का लक्ष्य रखा गया है। दूध का दैनिक संग्रह 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम और प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है।

पश्चिम भोपाल बायपास पर ₹3,225 करोड़ से ज्यादा खर्च

कैबिनेट ने 35.61 किलोमीटर लंबे पश्चिम भोपाल बायपास को चार लेन और पक्के किनारों के साथ बनाने के लिए ₹3,225.51 करोड़ की संशोधित मंजूरी दी है। इसके अलावा निर्माण से पहले होने वाले कामों के लिए ₹548.29 करोड़ के भुगतान को भी मंजूरी दी गई है। इस बाईपास के बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और करीब 21 किलोमीटर की दूरी कम होगी।

भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में बनेंगे 3 नए विश्वविद्यालय

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की जगह प्रदेश में तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। भोपाल में मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन में मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित होगा। फिलहाल RGPV से जुड़े 585 संस्थानों में 3.83 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। नए विश्वविद्यालयों के जरिए तकनीकी संस्थानों को अलग-अलग संभागों के आधार पर बांटा जाएगा।

बीना-मालथौन मार्ग को भी मंजूरी

कैबिनेट ने मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग को चार लेन बनाने की मंजूरी दी है। 67.116 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ₹2,776.83 करोड़ की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई है। यह मार्ग बीना में एनएच-934 को पार करते हुए मालथौन में एनएच-44 से जुड़ेगा। बीना क्षेत्र में रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड और उद्योग होने के कारण यह मार्ग भारी वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र में मजबूत आर्थिक और परिवहन गलियारा विकसित होने की संभावना है।

स्वास्थ्य संस्थानों में मशीनों की देखरेख पर भी बड़ा फैसला

कैबिनेट ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए ₹488.41 करोड़ की मंजूरी दी है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी। इसके अलावा चिकित्सा संस्थानों की दूसरी संपत्तियों के रखरखाव के लिए ₹915.77 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इसके तहत मॉड्यूलर किचन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और दूसरी सुविधाओं की मरम्मत का काम किया जाएगा।

नए जिलों में आयुष और सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय

कैबिनेट ने निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। वहीं मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालयों के लिए 15 नए नियमित पद बनाए जाएंगे।

किसानों से 60% तक मूंग खरीदी को मंजूरी

कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026 में मूंग और उड़द की खरीदी से जुड़े मुख्यमंत्री के फैसले का भी अनुमोदन किया। पहले पंजीकृत किसानों से मूंग की उपज का 25 प्रतिशत तक खरीदने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक किया गया है। मंत्रिमंडल के इन फैसलों से ग्रामीण रोजगार, तकनीकी शिक्षा, सड़क और परिवहन, डेयरी क्षेत्र, स्वास्थ्य सुविधाओं और किसानों से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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