शिमला मिर्च (Capsicum) हर भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाली आम सब्जी है। हरी, लाल और पीली शिमला मिर्च सलाद से लेकर सब्जी, सूप और चाइनीज फूड तक हर जगह नजर आती है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शिमला मिर्च भी मेल और फीमेल होती है। वायरल वीडियो में कहा गया है कि जिन शिमला मिर्च के नीचे तीन उभार होते हैं, उन्हें मेल कहा जाता है और ये पकाने के लिए बेहतर होती हैं। वहीं जिनके नीचे चार उभार होते हैं, उन्हें फीमेल बताया गया है और दावा किया गया है कि वे ज्यादा मीठी होती हैं और सलाद के लिए अच्छी रहती हैं। यह दावा लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है और सब्जी खरीदते समय लोग इसे आजमाने भी लगे हैं।
शिमला मिर्च के मेल-फीमेल होने का वायरल दावा कितना सही?
कृषि विशेषज्ञों और फूड साइंस से जुड़े जानकारों के मुताबिक, शिमला मिर्च में मेल-फीमेल जैसा कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। Capsicum एक पौधा है और इसके फल में जेंडर नहीं होता। नीचे दिखने वाले उभार दरअसल फल के अंदर मौजूद Carpels यानी बीज कक्षों की संख्या होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा उभार वाली शिमला मिर्च में बीज अधिक हो सकते हैं, जिससे उसका आकार बड़ा दिखता है। लेकिन स्वाद, मिठास या इस्तेमाल का इससे कोई पुख्ता वैज्ञानिक संबंध नहीं है। यानी Male vs Female Shimla Mirch का दावा पूरी तरह सोशल मीडिया पर फैला Myth है।
फिर स्वाद में फर्क क्यों लगता है? सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है शिमला मिर्च?
शिमला मिर्च का स्वाद उसके रंग, ताजगी और पकने की अवस्था पर निर्भर करता है। हरी शिमला मिर्च कच्ची होती है, इसलिए थोड़ी कम मीठी लगती है, जबकि लाल और पीली शिमला मिर्च पूरी तरह पकी होती हैं और स्वाभाविक रूप से ज्यादा मीठी होती हैं। इसका मेल-फीमेल से कोई लेना-देना नहीं है। शिमला मिर्च में विटामिन C, विटामिन A, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह इम्यूनिटी मजबूत करने, आंखों की सेहत सुधारने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करती है। कम कैलोरी होने के कारण यह Healthy Diet का अहम हिस्सा मानी जाती है। शिमला मिर्च में मेल-फीमेल होने का दावा सिर्फ एक वायरल ट्रिक है। सब्जी खरीदते समय उसके रंग, ताजगी और सख्ती पर ध्यान देना ज्यादा सही तरीका है, न कि उभार गिनना।
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