Ken-Betwa River Link News: केन-बेतवा परियोजना पर मुआवजे को लेकर जल शक्ति मंत्रालय ने आरोपों को किया ख़ारिज

The CSR Journal Magazine
Ken Betwa Link Project News: केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ की है। जल शक्ति मंत्रालय ने उन आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है, जिनमें कहा गया था कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को अब तक पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है।

Ken-Betwa Linking Project News: ज्यादातर पात्र परिवारों को मिल चुका है पूरा मुआवजा

मंत्रालय ने कहा कि परियोजना से प्रभावित अधिकांश पात्र परिवारों को पूरा मुआवजा और पुनर्वास संबंधी लाभ दिया जा चुका है। कुछ मामलों में केवल प्रक्रियागत औपचारिकताएं बाकी हैं। केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण ने भरोसा दिलाया है कि सभी वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों को पारदर्शी, न्यायपूर्ण और समयबद्ध तरीके से मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया में प्रभावित परिवारों की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और पात्र लोगों को उनके अधिकारों के अनुसार लाभ दिया जा रहा है।

बुंदेलखंड के लिए क्यों अहम है केन-बेतवा परियोजना?

केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के तहत देश की पहली बड़ी नदी जोड़ो परियोजना है। इसका उद्देश्य केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी तक पहुंचाना है। इससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और बिजली की सुविधाओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 10.62 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलने का दावा है। इसके अलावा लगभग 62 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने और 103 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।

44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजना

केन-बेतवा परियोजना की कुल अनुमानित लागत 44,604 करोड़ रुपये से अधिक है। मंत्रालय के अनुसार जुलाई 2026 तक इस परियोजना पर करीब 12,445 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की कार्रवाई भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (RFCTLARR Act) और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 13 सितंबर 2023 को मंजूर विशेष पुनर्वास पैकेज के तहत की जा रही है।

Ken-Betwa River Linking Project: जमीन के बदले कितना मुआवजा?

सरकार के अनुसार अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजा कानून के तहत निर्धारित राशि या 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, दोनों में से जो अधिक होगा, उसके आधार पर दिया जा रहा है। इसके अलावा मकान, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और अन्य अचल संपत्तियों के लिए भी वैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुआवजा निर्धारित किया गया है।

प्लॉट लेने वालों और प्लॉट छोड़ने वालों के लिए अलग प्रावधान

पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए 7 लाख रुपये और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए 6.50 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। जो परिवार प्लॉट लेने के बजाय उसका विकल्प छोड़ते हैं, उन्हें 12.50 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता देने का प्रावधान है। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले पात्र अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

सरकार के दावे और जमीनी सवाल

जल शक्ति मंत्रालय के इस बयान से साफ है कि केंद्र सरकार परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास को लेकर उठ रहे आरोपों को स्वीकार नहीं करती। सरकार का दावा है कि ज्यादातर पात्र परिवारों को उनका हक मिल चुका है और बाकी मामलों में प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हालांकि, केन-बेतवा परियोजना को लेकर विस्थापन, पर्यावरण और पुनर्वास जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे में परियोजना की प्रगति के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि शेष प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ वास्तव में कब तक मिल पाता है।
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