UP: कानपुर में PM आवास के आवेदनों का पहली बार AI सर्वे, 6500 अपात्र मिले

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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पात्र लोगों तक सरकारी मदद पहुंचाने और अपात्र आवेदनों को छांटने के लिए उत्तर प्रदेश के कानपुर में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली गई है। योजना के तहत आए 26,098 आवेदनों का AI सर्वे कराया गया। जांच के बाद करीब 6,500 आवेदन अपात्र मिले, जबकि 19,405 ग्रामीणों को आवास मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

पहली बार AI से हुई आवेदनों की जांच

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने वाले ग्रामीणों की पात्रता जांच में इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया गया। AI सर्वे के जरिए आवेदकों की ओर से दी गई जानकारी और उनकी वास्तविक स्थिति की जांच की गई। इस प्रक्रिया में ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें आवेदकों के पास पहले से पक्के मकान थे, लेकिन उन्होंने आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। AI आधारित जांच से ऐसे आवेदनों की पहचान करने में अधिकारियों को मदद मिली।

26,098 आवेदनों में 6,500 अपात्र

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कुल 26,098 लोगों ने आवेदन किया था। सर्वे के बाद इनमें से करीब 6,500 आवेदन पात्रता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। वहीं 19,405 ग्रामीणों को योजना के तहत आवास मिलने का रास्ता साफ हुआ है। पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

गलत जानकारी देने वालों की भी हुई पहचान

AI सर्वे का उद्देश्य केवल आवेदनों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान करना भी है। जांच के दौरान ऐसे आवेदकों की पहचान हुई, जिन्होंने पात्रता से जुड़ी सही जानकारी नहीं दी थी। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीक के इस्तेमाल से आवास योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

2029 तक मिलेगा आवास

जांच में पात्र पाए गए ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पात्र लाभार्थियों को 2029 तक आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उन ग्रामीण परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पास रहने के लिए पक्का और सुरक्षित घर नहीं है।

तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं में अपात्र लोगों को बाहर करना और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में AI आधारित सर्वे सरकारी योजनाओं की निगरानी और पात्रता जांच में नई तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब क्या होगा?

AI सर्वे में पात्र पाए गए 19,405 ग्रामीणों के आवास से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं अपात्र मिले करीब 6,500 आवेदनों को योजना से बाहर रखा जाएगा। तकनीक आधारित जांच से भविष्य में भी सरकारी आवास योजनाओं में फर्जीवाड़े और गलत दावों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

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