किसानों के लिए खुशखबरी, 25 पैसे से कम में मिलेंगे सब्जियों के पौधे!

The CSR Journal Magazine
उदयपुर के कृषि महाविद्यालय में किसानों के लिए सब्जियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं जिनकी लागत बेहद कम है। यहां मिर्ची, शिमला मिर्च, टमाटर, ककड़ी, करेला, भिंडी और बैंगन जैसे कई पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विशेष बात ये है कि एक पौधे की कीमत 25 पैसे से भी कम है, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता के पौधे सस्ते दाम में मिलेंगे।

किसान सीधे खेत में रोपने के लिए तैयार पौधे

कृषि महाविद्यालय में तैयार ये पौधे किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं। आमतौर पर किसान बीज डालते हैं और पौधों के उगने का इंतज़ार करते हैं, जो समय और मेहनत लेते हैं। लेकिन अब किसान सीधे तैयार पौधे लेकर अपने खेत में रोपाई कर सकते हैं, जिससे उनकी मेहनत और समय दोनों की बचत होगी।

15-20 दिन की मेहनत में होगी कमी

हॉर्टिकल्चर विभाग के डॉक्टर कपिल देव आमेटा ने बताया कि तैयार पौधे लगाने से किसानों का लगभग 15 से 20 दिन का समय बच सकता है। इससे किसान पौधों की देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और खेती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे।

कम कीमत में पौधों की उपलब्धता

इन पौधों की खासियत उनकी कम लागत है। 25 पैसे से भी कम कीमत पर एक पौधा तैयार किया जा रहा है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी संख्या में इन पौधों का खरीदना संभव हो सकेगा। यह किसानों के लिए शुरुआती खर्च को भी कम करेगा।

किसानों को लाभ पहुंचाने की योजना

डॉक्टर कपिल देव आमेटा ने कहा कि हॉर्टिकल्चर विभाग का उद्देश्य किसानों को ऐसे साधन प्रदान करना है, जिससे वे बेहतर खेती कर सकें। विभाग अलग-अलग सब्जियों के पौधों को तैयार कर रहा है, ताकि किसान सीधे बाजार से तैयार पौधे ले जाकर रोपाई कर सकें और शुरुआती मेहनत को कम कर सकें।

फलों के पौधों की भी तैयारी

यह पहल केवल सब्जियों तक सीमित नहीं है। कृषि महाविद्यालय में फलों के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। आगे चलकर किसानों को विभिन्न फलों के पौधे भी उपलब्ध करवाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार सब्जियों और फलों की खेती कर सकें।

खेती को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कृषि महाविद्यालय में तैयार किए जा रहे ये पौधे खेती के लिए एक उपयोगी पहल हैं। कम कीमत, तैयार पौधे और 15 से 20 दिन की मेहनत की बचत से किसान खेती के शुरुआती चरण में राहत महसूस कर सकेंगे। खासकर छोटे किसानों के लिए यह कमी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos