देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। सुबह से ही मंदिरों में मंगला आरती, विशेष दर्शन, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका और दिल्ली तक मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। रात में भगवान के जन्म के समय विशेष पूजा और आरती का आयोजन होगा। इस बार जन्माष्टमी को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन में दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां देश और विदेश से 75 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के आने को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
Janmashtami 2026: मथुरा में सुबह से मंदिरों में उमड़ी भीड़
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में सुबह से ही मंगला आरती और विशेष पूजा शुरू हो गई। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए लंबी कतारों में नजर आए। वृंदावन के मंदिरों में भी विशेष श्रृंगार किया गया है और रात में कृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम होगा। वृंदावन में जन्माष्टमी के बाद 5 सितंबर को नंदोत्सव का आयोजन भी होगा। यानी कृष्ण जन्म के बाद अगले दिन नंद बाबा के घर खुशियां मनाने की परंपरा निभाई जाएगी।
द्वारका से जयपुर तक कृष्ण भक्ति का रंग
भगवान कृष्ण की कर्मभूमि मानी जाने वाली द्वारका में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों में आधी रात को जन्मोत्सव, विशेष प्रार्थना, कीर्तन और आरती होगी। गुजरात में भी 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जा रही है। राजस्थान के जयपुर स्थित गोविंद देव जी मंदिर में सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ और कृष्ण भक्ति का माहौल देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में भी जन्माष्टमी से पहले भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बच्चों ने कृष्ण और राधा का रूप धारण किया।
ISKCON मंदिरों में भी खास तैयारी
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी के उत्सव में ISKCON मंदिरों की अपनी अलग पहचान है। यहां दिनभर हरिनाम संकीर्तन, भजन, विशेष दर्शन और भगवान के विग्रह का श्रृंगार किया जाता है। मध्यरात्रि में महाभिषेक, आरती और कृष्ण जन्मोत्सव मुख्य आकर्षण रहता है। दिल्ली के ISKCON द्वारका मंदिर में इस बार बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां भक्तों के लिए 5,600 से ज्यादा भोग सामग्री तैयार की जा रही है। इसके अलावा करीब 1,108 किलो केक की तैयारी की खबर भी सामने आई है। नोएडा के ISKCON मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालु मंगला आरती और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों के बाद रात में जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
ISKCON में आधी रात गूंजेंगे जयकारे
ISKCON की जन्माष्टमी का सबसे खास पल मध्यरात्रि का होता है। भगवान के जन्म के समय मंदिर में शंख-घंटियों के साथ ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र का संकीर्तन होता है। इसके बाद भगवान का विशेष अभिषेक और महाआरती की जाती है। देश के अलग-अलग ISKCON केंद्रों में कार्यक्रमों का समय और स्वरूप स्थानीय व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक मंदिर का समय पूरे देश के ISKCON मंदिरों पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।
मुंबई में दही हांडी की तैयारी
जन्माष्टमी के साथ महाराष्ट्र में दही हांडी को लेकर भी खास उत्साह है। मुंबई और आसपास के इलाकों में गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं देश के दूसरे हिस्सों में झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कृष्ण लीला का आयोजन किया जा रहा है। इस तरह मथुरा की जन्मभूमि से द्वारका, वृंदावन, दिल्ली, नोएडा, जयपुर और मुंबई तक पूरा देश कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। रात में जैसे ही भगवान कृष्ण के जन्म का समय होगा, मंदिरों में शंख-घंटियों और जयकारों के बीच जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
आज रात कृष्ण जन्मोत्सव का इंतजार
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी का असली आकर्षण अब आधी रात का वह पल है, जब भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी मनाएंगे। मंदिरों में विशेष आरती और अभिषेक के साथ प्रसाद वितरण होगा। मथुरा-वृंदावन में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और ISKCON के भव्य आयोजनों ने इस बार जन्माष्टमी को और खास बना दिया है।
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