इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर बैन की तैयारी, जॉर्जिया मेलोनी का ऐलान

The CSR Journal Magazine

जॉर्जिया मेलोनी का नया ऐलान

रोम: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में एक रैली में घोषणा की है कि देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। इस ऐलान के साथ ही यूरोप में चेहरा ढकने वाले कपड़ों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कुछ यूरोपीय देश इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप मानता है।

स्कूलों में विशेष नियम

मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में एक विधेयक पेश करेगी। इसके अंतर्गत स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। पीएम ने विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और उनके अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव रखा है। हालांकि, विदेशी छात्रों की प्रस्तावित संख्या को लेकर सरकार ने अभी तक स्पष्टता नहीं दी है।

कौन सा पहनावा प्रतिबंधित होगा?

जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, “स्कूल में चेहरा ढके बिना जाना होगा।” इस बयान में विशेष रूप से बुर्का और नकाब का उल्लेख किया गया है, जबकि हिजाब के संबंध में कोई विवरण नहीं दिया गया। बुर्का पूरे शरीर को ढकता है, जबकि नकाब केवल चेहरे को ढकता है। हिजाब में चेहरे के अलावा बाल और गर्दन भी ढके रहते हैं।

इटली में मौजूदा कानून

1975 से इटली में एक कानून है जो सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक लगाता है। हालाँकि, स्कूलों में बुर्का और नकाब पर विशेष रूप से कोई राष्ट्रव्यापी नियम पहले से नहीं था। अब यह प्रस्तावित कानून यूरोप में चेहरे को ढकने वाले कपड़ों के मामलों पर चल रही बहस का एक हिस्सा बना है।

बाकी यूरोपीय देशों में कानून

फ्रांस इसे 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बना। इसके उल्लंघन पर जुर्माना और नागरिक शिक्षा पाठ्यक्रम शामिल किया जा सकता है। बेल्जियम और बुल्गारिया ने भी इसी तरह के कानून लागू किए हैं, जिसमें जुर्माने और जेल की सजा भी शामिल है।

अन्य देशों की स्थिति

ऑस्ट्रिया में 2017 में पूरे चेहरे को ढकने वाले वस्त्रों पर प्रतिबंध लगाया गया। डेनमार्क ने 2018 में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कपड़ों पर रोक लगा दी। नीदरलैंड्स और स्विट्जरलैंड में भी इसी प्रकार के कानून लागू हुए हैं। पुर्तगाल ने हाल ही में ऐसे कपड़ों पर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन स्वास्थ्य और धार्मिक स्थलों को छूट दी गई है।

जर्मनी और स्वीडन में स्थिति

जर्मनी में कोई राष्ट्रव्यापी समझौता नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में चेहरा ढकने पर रोक है। स्वीडन में भी कोई राष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं है, हालाँकि कुछ नगरपालिका स्तर पर स्कूलों में प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रही हैं।

स्पेन का दृष्टिकोण

स्पेन में फ्रांस के समान कोई राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं है। यहाँ के कानून स्थानीय नियमों के अधीन हैं। स्कूलों में बुर्का और नकाब पर कार्रवाई पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर निर्धारित की जाती है।

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