मुंबई में फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले फेरीवालों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। 237 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले के सामने आने के बाद मुंबई की मेयर रितू तावडे ने कड़ा रुख अपनाया है। Mumbai Mayor ने साफ कहा है कि अब शहर में फुटपाथ पर बैठने वाले हर फेरीवाले के जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जांच की जाएगी। यह फैसला मुंबई महानगरपालिका द्वारा जारी किए गए 237 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र रद्द करने के बाद लिया गया है।
Hawkers in Mumbai: फर्जी प्रमाणपत्रों पर बड़ा सवाल
महापौर ने सवाल उठाया कि जब 237 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए हैं, तो उनके मूल दस्तावेज अब भी संबंधित लोगों के पास कैसे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को सभागृह में प्रस्ताव के रूप में उठाएंगी। उनका कहना है कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
Hawkers in Mumbai: हर फेरीवाले की होगी जांच
मेयर के अनुसार अब मुंबई में जो भी फेरीवाले फुटपाथ पर व्यवसाय करते हैं, उनके दस्तावेजों की सख्त जांच की जाएगी। जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जांच अभियान के रूप में की जाएगी। इस प्रक्रिया में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
अवैध घुसपैठ पर सख्ती
महापौर ने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पदभार संभालते समय ही उन्होंने कहा था कि वह महापौर के रूप में नहीं, बल्कि मुंबई की सेवक बनकर काम करेंगी और अवैध फेरीवालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना उनकी प्राथमिकता होगी। अब देखना होगा कि मुंबई महानगरपालिका की यह सख्त कार्रवाई शहर में अवैध फेरीवालों और फर्जी दस्तावेजों के मामलों पर कितना असर डालती है।
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