TCS नासिक केस: पीड़ित बोलीं- PAK मौलवियों के वीडियो दिखाए गए, भजन सुनना और मंदिर जाना बंद करो

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में चार्जशीट में नई जानकारियाँ सामने आई हैं। आरोप है कि आरोपियों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत पीड़ितों को निशाना बनाया। इस मामले में एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए गए। ये वीडियो उसे इस्लाम के प्रति जागरूक करने के लिए दिखाए गए थे।

धार्मिक भावनाओं को ठेस

पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसे यह कहा कि वह भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दे वरना उसके गुनाह नहीं माफ होंगे। अल्लाह के नाम का जाप करने से उसके गुनाह माफ हो जाएंगे। यह बातें पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाने के लिए की गईं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के नासिक स्थित इस ऑफिस में अप्रैल में 9 महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें 8 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

आरोपी का मानसिक दवाब

एक पीड़ित ने अपने बयान में बताया कि दानिश शेख, जो पहले से शादीशुदा था, ने शादी करने का झांसा देकर यौन शोषण किया। जब उसे अपने भविष्य को लेकर चिंता होने लगी, तो आरोपी ने कहा, “डरो मत, अल्लाह हमारे साथ है।” उसने फिर भजन सुनने और तस्बीह पढ़ने का निर्देश दिया। इस प्रकार से वह पीड़ित की कमजोरी का फायदा उठाने में सफल रहा।

वीडियो दिखाने की प्रक्रिया

पीड़ित ने बताया कि दानिश ने उसे पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो देखने के लिए कहा। उसने उसके बैंक खातों और UPI PIN की जानकारी भी हासिल कर ली। आरोपी ने उसे इस्लाम के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी अन्य आरोपियों को सौंपी, जिससे वह कभी-कभी इस्लामिक बातें उसकी सुनाती थीं।

यौन उत्पीड़न की शिकायतें

TCS ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा दर्ज की गई पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में की गई थी, इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। उनकी बयानों में यौन उत्पीड़न और मानसिक दबाव का एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है। पुलिस का SIT इस केस की जांच कर रही है।

धार्मिक दबाव का आरोप

नासिक पुलिस की SIT ने कहा है कि आरोपियों ने पीड़ितों पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला। एक आरोपी निदा खान पर आरोप है कि उसने व्हाट्सऐप ग्रुप पर कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा, उन्होंने इस्लामिक परंपराओं का पालन करने के लिए भी दबाव बनाया।

TCS की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी

TCS ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी किसी भी प्रकार के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति पर काम करती है। इस मामले में अब तक 9 पीड़ितों की FIR दर्ज की जा चुकी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।

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