साड़ी पहनकर दौड़ने वाली कविता कुमारी की अद्भुत कहानी, दर्द और संघर्ष की एक प्रेरणादायक मिसाल
झारखंड के रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड स्थित सोसो गांव की रहने वाली 32 वर्षीय कविता कुमारी (महतो) इन दिनों सोशल मीडिया और पूरे देश में अपने अदम्य साहस और हौसले को लेकर सुर्खियों में हैं। एक माँ जब अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए ठान लेती है, तो दुनिया की कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती। कविता कुमारी ने इसे सच साबित कर दिखाया है। उनके पास न तो कोई स्पोर्ट्स गियर था और न ही कोई महंगी सुख-सुविधाएं, लेकिन उनके पास एक माँ का कभी न हारने वाला जज्बा था।
In Ramgarh, Jharkhand, Kavita Mahato aka Kavita Devi ran 1,600 metres under the scorching sun, without shoes or sportswear, chasing an opportunity to change her family’s future.
A widowed mother, she cleared the Home Guard physical test with top marks. Her run was more than a race—it was a fight for her children.
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— The CSR Journal (@thecsrjournal) October 7, 2026

