CPSE women employees: सरकारी कंपनियों में 10% से कम महिलाएं, प्राइवेट सेक्टर में भी स्थिति चिंताजनक

The CSR Journal Magazine
देश में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं और नीतियां बनाई जा रही हैं, लेकिन सरकारी कंपनियों में उनकी भागीदारी की तस्वीर अभी भी बहुत मजबूत नहीं है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुल कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 9.8 प्रतिशत रही। यानी सरकारी कंपनियों में काम करने वाले 100 कर्मचारियों में 10 से भी कम महिलाएं हैं। इतना ही नहीं, महिला कर्मचारियों को शुरुआती स्तर से आगे बढ़कर सुपरवाइजर और नेतृत्व वाली भूमिकाओं तक पहुंचने में भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

महिला कर्मचारियों की संख्या भी हुई कम

CPSE women employees: सार्वजनिक उद्यम सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार सीपीएसई में महिला कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2023-24 में 77,625 थी, जो 2024-25 में घटकर 76,685 रह गई। यानी महिला कर्मचारियों की संख्या में करीब 940 की कमी दर्ज की गई। सरकारी सर्वे में महिलाओं के पदों के स्तर को भी अलग-अलग श्रेणियों में बताया गया है। इसके मुताबिक सीपीएसई में काम करने वाली महिलाओं में 32.4 प्रतिशत प्रबंधकीय या कार्यकारी स्तर पर हैं। वहीं सिर्फ 8.7 प्रतिशत महिलाएं सुपरवाइजर स्तर पर हैं। सबसे बड़ा हिस्सा कर्मचारी या वर्कर श्रेणी में है। कुल महिला कर्मचारियों में 58.9 प्रतिशत इसी श्रेणी में काम कर रही हैं।

सुपरवाइजर स्तर पर क्यों पिछड़ रही महिलाएं?

आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें करियर में आगे बढ़ाने की चुनौती भी बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में महिला कर्मचारियों में सुपरवाइजर स्तर की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत थी, जबकि 2022-23 में यह 10.08 प्रतिशत थी। यानी इस स्तर पर भी सुधार के बजाय गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक खनन, विनिर्माण और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए काम के घंटे, तबादले, सुरक्षित आवास, परिवहन और बच्चों की देखभाल जैसी सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती बन सकती है।

प्राइवेट सेक्टर में भी पूरी तरह अच्छी तस्वीर नहीं

महिलाओं की कम भागीदारी सिर्फ सरकारी कंपनियों तक सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र में भी महिला कर्मचारियों की संख्या और नेतृत्व वाले पदों पर उनका प्रतिनिधित्व अभी पर्याप्त नहीं माना जाता। हालांकि शुरुआती स्तर की नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी सरकारी कंपनियों की तुलना में बेहतर बताई जाती है। यही वजह है कि अब सिर्फ महिलाओं को नौकरी देने के बजाय उन्हें करियर में आगे बढ़ाने और नेतृत्व की जिम्मेदारी देने पर भी ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।

CPSE women employees: महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की मांग

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सांसद डॉ. गुम्मा तनुजा रानी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व को चिंता का विषय बताया है। उन्होंने महिलाओं की भर्ती के लिए स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य तय करने की मांग की। उन्होंने खासकर खनन और औद्योगिक कंपनियों में बाल देखभाल केंद्र, छात्रावास, सुरक्षित परिवहन और काम के समय में लचीलापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि चयन और पदोन्नति से जुड़े बोर्ड में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जानी चाहिए।

नौकरी छोड़ने के बाद वापसी का भी रास्ता हो

कई महिलाएं शादी, बच्चों की देखभाल या दूसरी पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण कुछ समय के लिए नौकरी छोड़ देती हैं। ऐसे में उनके दोबारा काम पर लौटने की राह आसान बनाने की जरूरत है। सांसद ने ऐसी योजनाएं बनाने का सुझाव दिया है, जिनके जरिए करियर ब्रेक के बाद महिलाएं दोबारा रोजगार हासिल कर सकें और उन्हें उचित वेतन भी मिल सके। सरकारी सर्वे के मुताबिक सीपीएसई में महिलाओं को मातृत्व लाभ देने और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने से जुड़े नियमों के तहत आंतरिक समितियों की व्यवस्था भी है।

सिर्फ संख्या नहीं, नेतृत्व में भागीदारी भी जरूरी

CPSE women employees: सीपीएसई के आंकड़े साफ बताते हैं कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की चुनौती सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं है। उन्हें सुपरवाइजर, प्रबंधन और निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचाने के लिए बेहतर अवसर और सुरक्षित कार्यस्थल देना भी जरूरी है। अगर भर्ती, प्रमोशन और कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार किया जाता है तो सरकारी कंपनियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सकती है। इससे न केवल रोजगार में लैंगिक संतुलन बेहतर होगा, बल्कि नेतृत्व के स्तर पर भी महिलाओं की मौजूदगी मजबूत होगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos