महिला आरक्षण बिल पर बहस जारी
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस चल रही है, जिसमें पीएम मोदी ने विभिन्न राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की है। इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी पार्टियों जैसे TMC, BJP, कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट ने कितने महिला उम्मीदवार उतारे हैं, यह जानना जरूरी है। 33% आरक्षण के बावजूद, नामांकनों की संख्या इस प्रतिशत से कम है। तो चलिए, जानते हैं कि किस पार्टी ने चुनाव में कितनी महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
तृणमूल कांग्रेस का दांव
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 291 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें 52 महिलाएं शामिल हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग 17.86% है। तृणमूल की इस रणनीति के पीछे यह सोच है कि वे चुनाव में महिला मतदाताओं को आकर्षित करेंगी।
BJP की कमजोर भागीदारी
भारतीय जनता पार्टी ने सभी 294 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें केवल 33 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग 11.22% है। भाजपा की भागीदारी पिछले चुनाव यानी 2021 में 13% थी, जो अब गिरावट को दर्शाती है। इस आंकड़े ने पार्टी के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने 284 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें 35 महिला उम्मीदवार हैं। ये उम्मीदवार कुल 12.32% हैं। कांग्रेस अब बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ रही है, और पार्टी को उम्मीद है कि यह निर्णय उन्हें नई ऊर्जा देगा।
लेफ्ट फ्रंट की स्थिति
लेफ्ट फ्रंट ने 246 से अधिक सीटों पर महिला उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें 34 महिलाएं शामिल हैं। यह कुल नामांकनों का 13.83% है, जो एक निश्चित प्रयास को दर्शाता है। लेफ्ट पार्टी हमेशा से ही महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर जोर देती रही है।
अन्य पार्टियों का योगदान
इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने 2026 विधानसभा चुनाव में 23 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, लेकिन अभी तक महिला उम्मीदवारों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने 182 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी महिलाएं हैं।
बंगाल में मतदान की तिथियां
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, और चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, सभी राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
चुनाव से पहले का माहौल
इस चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल गरम है, जिसमें हर पार्टी अपनी ताकत और राजनीति को साबित करने में जुटी है। महिला मतदाताओं की संख्या और भूमिका चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
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