भारत की बेटी को UN देगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान, स्ट्रॉबेरी की खेती में बनाई पहचान

The CSR Journal Magazine
कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता? बस, मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है। यह कहानी है मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली जेड टी लालरिथांगी (35) की, जिन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती कर अपनी पहचान बनाई। सरकारी नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करने के बावजूद, आत्मनिर्भर बनने की चाह ने उन्हें खेती की ओर मोड़ दिया।

शुरुआत 1000 पौधों से

लालरिथांगी ने 2024 में अपनी खेती की शुरुआत 1,000 स्ट्रॉबेरी पौधों से की। उनके खेत की लोकेशन सांगाउ गांव से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। पहले साल में ही उन्होंने ₹1.5 लाख की कमाई की, जिसने उन्हें खेती के प्रति और उत्साहित किया। अब, वह 2 हेक्टेयर जमीन पर 10 हजार से ज्यादा स्ट्रॉबेरी पौधे उगा रही हैं। इसके साथ ही, उन्होंने एवोकाडो, केला और अन्य फल-सब्जियों की भी खेती शुरू की है।

फसल की प्रोसेसिंग से बढ़ी कमाई

लालरिथांगी की मेहनत का फल अब दिखने लगा है। 2025 में उनकी स्ट्रॉबेरी की खेती से कमाई ₹10 लाख को पार कर गई। उन्होंने सिर्फ ताजा स्ट्रॉबेरी बेचने पर ही नहीं, बल्कि उसके प्रोसेसिंग की दिशा में भी कदम बढ़ाया। वह स्ट्रॉबेरी का कुछ हिस्सा वाइन के रूप में तैयार करती हैं और उसे स्थानीय बाजार में बेचती हैं। इस तरह, उन्होंने अपनी कमाई के मॉडल में विविधता लाई है।

सीखने का जज्बा और दूसरी माताओं के लिए प्रेरणा

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए लालरिथांगी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सरकारी मदद की कोशिश की, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला। तब उन्होंने इंटरनेट और YouTube की मदद से खेती के तकनीकों को समझना शुरू किया। जानकारियों को हासिल करने के लिए उन्होंने रातों में पढ़ाई की। वह तीन बच्चों की मां होने के बावजूद अपने सपनों के पीछे दौड़ती रहीं। उनके पति और सास-ससुर ने भी उन पर पूरा सहयोग दिया।

रोम में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान

अब उनकी मेहनत का फल उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला है। लालरिथांगी को संयुक्त राष्ट्र (UN) के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) द्वारा ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ अवार्ड के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार ‘International Year of Women Farmers 2026’ के तहत दिया जाएगा। कुल 131 देशों की 600 महिलाओं में से उनका नाम चयनित हुआ है।

इवेंट की तैयारी जारी

लालरिथांगी को इटली की राजधानी रोम में सम्मान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान 12 से 16 अक्टूबर के बीच FAO के हेडक्वार्टर में ‘वर्ल्ड फूड फोरम’ के दौरान दिया जाएगा। वह अभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर रही हैं। यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने संघर्षों के जरिए ऊंचाइयों को छूने का सपना देखते हैं।

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