संसद मार्च में ‘पेलेट’ जैसी चोटों से मचा बवाल: परिजनों के आरोप और दिल्ली पुलिस के दावे आमने-सामने

The CSR Journal Magazine
संसद मार्च के दौरान घायल हुए एक प्रदर्शनकारी की चोटों को लेकर नया विवाद सामने आया है। प्रदर्शनकारी के परिजनों का दावा है कि उसके शरीर पर पेलेट जैसी चोटें लगी हैं और यह घटना रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई के दौरान हुई। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों के अनुसार, घायल प्रदर्शनकारी का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। उनका कहना है कि सर्जरी के दौरान शरीर से कई पेलेट जैसी वस्तुएं निकाली गईं, जबकि गर्दन के पास रक्त वाहिका के बेहद करीब फंसी एक वस्तु को चिकित्सक नहीं निकाल सके। परिवार का यह भी दावा है कि प्रदर्शनकारी के चेहरे, गर्दन और सीने पर कई गोलाकार निशान मौजूद हैं, जो पेलेट जैसी चोटों से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं।
परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान तैनात रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे ये चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।

दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया भ्रामक

दिल्ली पुलिस ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि संसद मार्च के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रहे ऐसे दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और लोगों को अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास करने से बचना चाहिए।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि वाले वीडियो, तस्वीरों या संदेशों को साझा न करें।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनके आधार पर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक न तो अस्पताल की ओर से और न ही किसी जांच एजेंसी ने यह स्पष्ट किया है कि घायल प्रदर्शनकारी की चोटें किस कारण या किस प्रकार के हथियार से लगीं।
ऐसे में परिजनों के आरोप और दिल्ली पुलिस के खंडन के बीच मामले को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जब तक आधिकारिक जांच या चिकित्सा रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos