PM मोदी से मिले CM नायब सैनी, हरियाणा में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य; गुरुग्राम जलभराव पर भी बड़ा प्लान

The CSR Journal Magazine
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, निवेश, MSME नीति और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को हाल में शुरू की गई नई औद्योगिक नीति और इसके साथ जारी नौ सेक्टोरल पॉलिसियों की जानकारी दी। नई औद्योगिक नीति के तहत हरियाणा सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नीति लॉन्च होने के दिन ही करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे। इनमें से करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं।

जापान और मुंबई से भी आए बड़े निवेश प्रस्ताव

CM सैनी ने प्रधानमंत्री को जापान यात्रा के दौरान हुए निवेश समझौतों की भी जानकारी दी। जापान में करीब 4,500 करोड़ रुपये के MoU हुए थे, जिनमें से लगभग 2,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर आ चुकी हैं। इसके अलावा इसी महीने मुंबई में प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक में करीब 66 हजार करोड़ रुपये के MoU साइन किए गए। सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

गुरुग्राम के जलभराव पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से जल निकासी व्यवस्था सुधारने पर काम कर रही है। इस साल कम समय में हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया था, लेकिन प्रशासन के अनुसार कई जगहों पर जल निकासी पहले के मुकाबले तेजी से हुई। सरकार ने जलभराव वाले 99 स्थानों को चिन्हित किया है। इनमें से अधिकांश जगहों पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए गए हैं। इसके अलावा नालों की सफाई को पहली बार कैमरा आधारित निरीक्षण से जोड़ने की बात कही गई है, ताकि डी-सिल्टिंग का काम ठीक तरीके से हो सके।

नालों से लेकर तालाबों तक सुधार का दावा

गुरुग्राम में हीरो होंडा चौक के पास जयपुर-दिल्ली हाईवे पर नया नाला बनाया गया है। वहीं लैग-1, 2 और 3 की सफाई कर अतिक्रमण हटाया गया है, जबकि लैग-4 को भी चालू किया गया है। अरावली क्षेत्र में चेक डैम बनाए गए हैं, ताकि पहाड़ी इलाकों से आने वाले पानी को सीधे शहर की ओर आने से रोका जा सके। सरकार के अनुसार 74 पुराने तालाबों और जल निकायों को भी व्यवस्थित किया गया है।

नूंह के रास्ते यमुना तक पहुंचाया जाएगा पानी

गुरुग्राम के जलभराव के स्थायी समाधान के लिए जापानी कंपनी निप्पॉन कोई से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद गुरुग्राम के निचले इलाकों से पानी को नूंह के रास्ते यमुना तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही IIT दिल्ली के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग की नई परियोजना भी शुरू की गई है। इसके तहत अगले मानसून से पहले करीब 100 नए स्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य है, जिससे बारिश के दौरान 25 से 30 करोड़ लीटर पानी भूजल में पहुंचाया जा सकेगा।

अगले मानसून तक सुधार का दावा

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भरोसा जताया कि इन योजनाओं के लागू होने के बाद अगले मानसून तक गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति में और बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार का बड़ा लक्ष्य हरियाणा को निवेश के लिए बेहतर जगह बनाना है।

बड़ी तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में हरियाणा के लिए दो अहम प्राथमिकताएं सामने आईं—एक तरफ अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना और दूसरी तरफ गुरुग्राम जैसी तेजी से बढ़ती आर्थिक नगरी की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान करना।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos