अब Meta में नौकरी छोड़ने पर मिलेगी 2.15 महीने की सैलरी! टेक इंडस्ट्री में बदलाव की लहर
मेटा (Meta) ने फ्रांस में अपने कर्मचारियों के लिए एक बेहद आकर्षक और ऐतिहासिक ‘स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना’ (Voluntary Exit Option) की घोषणा की है, जिसके तहत कर्मचारियों को सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 2.15 महीने का वेतन और 10 महीने तक 80% ग्रॉस सैलरी के साथ मोबिलिटी लीव का विकल्प दिया जा रहा है। मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली यह पैरेंट टेक कंपनी फ्रांस में अपने लगभग 300 कर्मचारियों के कार्यबल में से 100 कर्मचारियों को इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अन्य दिग्गज तकनीकी कंपनियों के बाद अब मेटा ने भी इस वैश्विक रीस्ट्रक्चरिंग (Workforce Restructuring) और AI-led restructuring बदलाव के दौर में जबरन छंटनी के बजाय कर्मचारियों को खुद सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का यह बेहद उदार मार्ग दिया है। फ्रांसीसी श्रम कानूनों के तहत तैयार की गई इस योजना के लिए इच्छुक कर्मचारियों को 5 नवंबर 2026 तक आवेदन करने का निर्देश दिया गया है।
टेक जगत में बड़ा बदलाव, मेटा लेकर आई फ्रांस में सबसे उदार एग्जिट पैकेज
वैश्विक मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों में बढ़ते निवेश के बीच, दिग्गज सोशल मीडिया और टेक कंपनी ‘मेटा’ ने फ्रांस में काम कर रहे अपने कर्मचारियों के लिए एक चौंकाने वाली मगर बेहद आकर्षक योजना पेश की है। टेक उद्योग में अब तक के सबसे बड़े और सबसे उदार ‘सेवरेंस पैकेजों’ (Severance Packages) में से एक माने जा रहे इस प्रस्ताव में कंपनी ने स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को धन और समय दोनों का अभूतपूर्व सुरक्षा कवच दिया है। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स और अंदरूनी दस्तावेजों के अनुसार, इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी सेवा के हर एक साल के बदले 2.15 महीने का पूरा वेतन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें 10 महीने की ‘मोबिलिटी लीव’ (Mobility Leave) भी दी जा रही है, जिसके दौरान उन्हें उनके ग्रॉस वेतन का 80 प्रतिशत हिस्सा नियमित तौर पर मिलता रहेगा। यह योजना फ्रांस के श्रम कानूनों की एक विशेष कानूनी प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है, जिसने कॉर्पोरेट जगत और कर्मचारी यूनियनों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। टेक सेक्टर में जहां पिछले दो वर्षों से केवल बेरहम छंटनियों (Layoffs) की खबरें सुर्खियां बन रही थीं, वहीं मेटा का यह कदम कर्मचारियों को उनके भविष्य को सुरक्षित करते हुए विदा करने का एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
क्या है मेटा का ‘फ्रांस एग्जिट प्लान’? मुख्य आकर्षण
मेटा द्वारा पेश किए गए इस स्वैच्छिक पैकेज के तहत कर्मचारियों को मुख्य रूप से चार बड़े स्तंभों पर वित्तीय और करियर सुरक्षा दी जा रही है:
सेवा काल के आधार पर बम्पर सेवरेंस पे: जो भी कर्मचारी इस योजना को चुनते हैं, उन्हें मेटा में बिताए गए प्रत्येक वर्ष के आधार पर मुआवजा मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी ने मेटा फ्रांस में 5 वर्षों तक अपनी सेवा दी है, तो उसे एकमुश्त 10.75 महीने की सैलरी मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
10 महीने की पेड मोबिलिटी लीव: नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद कर्मचारी बेरोजगार नहीं कहलाएंगे। उन्हें 10 महीने का एक ट्रांजिशन पीरियड (Mobility Leave) मिलेगा, जिसमें वे घर बैठे या नई तैयारी करते हुए भी अपनी ग्रॉस सैलरी का 80% हिस्सा प्राप्त करते रहेंगे।
प्रोफेशनल री-ट्रेनिंग (Re-training) सपोर्ट: तकनीकी बदलावों और विशेषकर एआई के इस दौर में कर्मचारियों के हुनर पुराने न पड़ें, इसके लिए मेटा इन कर्मचारियों को नए स्किल्स सीखने और प्रोफेशनल कोर्सेज करने के लिए पूरा वित्तीय और रणनीतिक सहयोग प्रदान करेगी।
एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप गाइडेंस: जो कर्मचारी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, मेटा उन्हें बिजनेस मॉडलिंग, शुरुआती गाइडेंस और कंसल्टेंसी सपोर्ट भी मुहैया कराएगी।
फ्रांस का जटिल श्रम कानून और ‘RCC’ का सहारा
मेटा का यह स्वैच्छिक कदम अमेरिका या अन्य देशों में होने वाली अचानक छंटनियों से बिल्कुल अलग है। फ्रांस में कर्मचारियों को नौकरी से निकालना बेहद जटिल और कड़े कानूनी नियमों के अधीन होता है। यही कारण है कि मेटा ने फ्रांसीसी लेबर कोड के एक विशेष प्रावधान ‘रुप्चर कन्वेंशनल कलेक्टिव’ (Rupture Conventionnelle Collective – RCC) का उपयोग किया है।
इस कानून के तहत कोई भी कंपनी बिना किसी आर्थिक संकट या जबरन विवाद के, कर्मचारी यूनियनों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ आपसी सहमति से एक सामूहिक समझौता तैयार करती है। इस समझौते में स्वेच्छा से बाहर निकलने की शर्तें और वित्तीय लाभ तय किए जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा प्रबंधन और फ्रांसीसी ट्रेड यूनियनों के बीच इस पैकेज को लेकर जुलाई 2026 से ही गुप्त और विस्तृत बातचीत चल रही थी। लंबी बातचीत के बाद जब दोनों पक्ष शर्तों पर सहमत हुए, तब जाकर इस पैकेज को आधिकारिक रूप से पटल पर रखा गया और कर्मचारियों को आवेदन करने के लिए 5 नवंबर 2026 तक की अंतिम तिथि दी गई।
कितने कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?
मेटा के वैश्विक कार्यबल की संख्या लगभग 66,000 है। हालांकि, यह विशेष स्वैच्छिक पैकेज वर्तमान में केवल मेटा फ्रांस के कार्यालयों के लिए ही लागू किया गया है। फ्रांस में कंपनी के पास कुल मिलाकर करीब 300 कर्मचारी हैं। इस पुनर्गठन योजना के तहत उम्मीद की जा रही है कि लगभग 100 कर्मचारी इस सुनहरे पैकेज का लाभ उठाकर स्वेच्छा से इस्तीफा दे देंगे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कौन से विशिष्ट विभाग, जैसे इंजीनियरिंग, सेल्स, मार्केटिंग या ऑपरेशंस, इस योजना से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले हैं। कंपनी ने अन्य देशों में इस तरह की स्वैच्छिक योजनाओं को विस्तार देने के संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की राह पर मेटा
यह पहली बार नहीं है जब कोई बड़ी टेक कंपनी अपने कार्यबल को कम करने के लिए वित्तीय प्रलोभन और स्वैच्छिक इस्तीफे का सहारा ले रही है। मेटा से ठीक पहले Google (Alphabet) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी इसी तरह की योजनाओं (Voluntary Exit Options) की घोषणा की थी।
गूगल: अल्फाबेट ने साल 2025 से ही अपनी चुनिंदा टीमों के लिए ‘बायआउट ऑफर’ की शुरुआत की थी, जिसे बाद में कनाडा, जर्मनी, जापान, स्विट्जरलैंड और फ्रांस जैसे देशों में भी विस्तारित किया गया।
माइक्रोसॉफ्ट: माइक्रोसॉफ्ट ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के बीच भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में करीब 60,000 पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक पृथक्करण योजना पेश की थी।
हालांकि, टेक विश्लेषकों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जहां कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्तर पर (Individually) यह निर्णय लेने की छूट दे रहे थे, वहीं मेटा ने फ्रांस की सामूहिक संविदात्मक समाप्ति प्रक्रिया (RCC) के जरिए पूरे यूनियन को विश्वास में लेकर एक अधिक पारदर्शी और विवाद-मुक्त रास्ता चुना है।
क्यों लिया मेटा ने यह फैसला? AI रेस और रीस्ट्रक्चरिंग
उद्योग विशेषज्ञों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि मेटा का यह कदम किसी बड़े वित्तीय घाटे का परिणाम नहीं है, बल्कि यह कंपनी के दीर्घकालिक प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस: टेक जगत में इस समय पारंपरिक कोडिंग, विज्ञापन सेल्स और सामान्य एडमिनिस्ट्रेटिव भूमिकाओं के बजाय एआई इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और मशीन लर्निंग एक्सपर्ट्स की मांग चरम पर है। मेटा अपने संसाधनों और बजट को पारंपरिक भूमिकाओं से हटाकर अगली पीढ़ी की एआई तकनीकों और कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगाना चाहती है।
कुशल कार्यबल (Leaner Structure): मार्क जुकरबर्ग ने पहले भी कई बार ‘इयर ऑफ एफिशिएंसी’ (Year of Efficiency) का जिक्र किया है, जिसका उद्देश्य कंपनी की लेयर्स को कम करना और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को तेज बनाना है। स्वैच्छिक योजनाएं कंपनियों को बिना किसी नकारात्मक कानूनी पचड़े या कर्मचारी असंतोष के कार्यबल को री-डिजाइन करने का मौका देती हैं।
बाजार विशेषज्ञों की राय: क्या यह कर्मचारियों के लिए फायदे का सौदा है?
पेरिस के एक प्रमुख श्रम बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, “फ्रांस जैसे देश में जहां नया रोजगार ढूंढने में समय लग सकता है, वहां 10 महीने की मोबिलिटी लीव के साथ 80% ग्रॉस सैलरी मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। इसके साथ ही सेवा के हर साल के बदले सवा दो महीने से अधिक की सैलरी मिलना एक ऐसा वित्तीय कुशन (Financial Cushion) प्रदान करता है जो कर्मचारियों को बिना किसी मानसिक तनाव के अपने करियर को री-लॉन्च करने या नया उद्यम शुरू करने की आजादी देता है। यही कारण है कि इसे टेक इतिहास का सबसे मानवीय और उदार पैकेज कहा जा रहा है।” कुल मिलाकर, मेटा की यह स्वैच्छिक योजना यह दर्शाती है कि भविष्य की अनिश्चितताओं के बीच भी कंपनियां अपने कर्मचारियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक विदाई दे सकती हैं। अब देखना यह होगा कि क्या फ्रांस की इस सफल नीति को देखते हुए मेटा दुनिया के अन्य हिस्सों, जैसे भारत या एशिया-प्रशांत क्षेत्रों में भी इसी तरह के पैकेज लेकर आती है या नहीं।
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