उत्तराखंड में दीवाली से पहले बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री धामी ने दी 3 फीसदी महंगाई भत्ते की मंजूरी

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उत्तराखंड के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सीएम धामी ने दीवाली से पहले 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कर्मचारियों को दीपावली का बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मूल वेतन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा, जो कि 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा।

दीपावली महाधमाका: उत्तराखंड के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, सीएम धामी की बड़ी सौगात

उत्तराखंड के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और स्वायत्तशासी निकायों के कार्मिकों के लिए यह दीपावली दोगुनी खुशियों वाली साबित हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्योहारी सीजन में राज्य के कर्मचारियों के हित में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लेते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ ही अब राज्य के सरकारी सेवकों का महंगाई भत्ता मूल वेतन (बेसिक पे) के 60 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 63 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री कार्यालय से त्वरित स्वीकृति मिल गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी उत्साह का माहौल है। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर उनके परिवारों को आर्थिक रूप से संबल भी मिलेगा।

1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी नई दरें, नकद मिलेगा एरियर

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, महंगाई भत्ते में की गई यह 3 फीसदी की वृद्धि चालू वित्तीय वर्ष के मध्य यानी 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि कर्मचारियों को पिछले चार महीनों की बकाया राशि का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि 1 जुलाई 2026 से लेकर 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि के लिए बढ़े हुए महंगाई भत्ते के अंतर का भुगतान एरियर (बकाया राशि) के रूप में पूर्णतः नकद किया जाएगा। नवंबर महीने के वेतन के साथ कर्मचारियों को बढ़े हुए 63 प्रतिशत डीए का नियमित भुगतान शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही पिछले चार महीनों (जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर) का एरियर उनके बैंक खातों में एकमुश्त नकद जमा कर दिया जाएगा। इस फैसले से त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में भी रौनक बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि कर्मचारियों के हाथ में नकदी आने से बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ेगी।

केंद्र के समान मिला लाभ: वित्तीय संतुलन की मिसाल

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पहले भारत सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Pay Commission) के दायरे में आने वाले अपने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि कर उसे 63 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपनी स्थापित परंपरा को कायम रखते हुए और ‘कर्मचारी-हितैषी’ दृष्टिकोण का परिचय देते हुए तत्काल केंद्र सरकार के समान ही राज्य के कार्मिकों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में कहा, “राज्य के विकास में हमारे सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। सरकार हमेशा उनके हितों के प्रति सजग रही है। दीपावली का यह पावन पर्व उनके जीवन में अधिक समृद्धि और खुशहाली लेकर आए, इसी उद्देश्य से महंगाई भत्ते में वृद्धि के इस प्रस्ताव को त्वरित मंजूरी दी गई है।”

इन सभी संवर्गों के कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

धामी सरकार का यह फैसला केवल सचिवालय या मुख्य सरकारी विभागों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बेहद व्यापक रखा गया है। इस फैसले से राज्य के निम्नलिखित संवर्गों को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा:
राज्य सरकार के नियमित कार्मिक: समस्त विभागों में कार्यरत स्थायी और नियमित सरकारी अधिकारी व कर्मचारी।
स्थानीय निकाय एवं निगम: नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारी।
सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान: राज्य के सभी एडेड (सहायता प्राप्त) स्कूलों और इंटर कॉलेजों के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी।
राजकीय विश्वविद्यालय: प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के शिक्षक और प्रशासनिक स्टाफ।
प्राविधिक शिक्षण संस्थान: राज्य के राजकीय पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के पात्र कार्मिक।
UGC वेतनमान वाले कार्मिक: यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) वेतनमान के तहत कार्यरत पात्र प्राध्यापक और वैज्ञानिक भी इस बढ़ोतरी के दायरे में पूरी तरह शामिल किए गए हैं।

वेतन में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए पूरा गणित

महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों के मासिक वेतन में उनकी बेसिक सैलरी (मूल वेतन) के आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। इसे इस प्रकार समझा जा सकता है:
शुरुआती या कनिष्ठ स्तर के कर्मचारी: यदि किसी नव-नियुक्त या कनिष्ठ कर्मचारी का मूल वेतन ₹18,000 है, तो 3% की वृद्धि के बाद उसके मासिक वेतन में सीधे ₹540 प्रति माह की बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त, चार महीने का एरियर जोड़कर उसे दीपावली पर ₹2,160 की अतिरिक्त नकद राशि प्राप्त होगी।
मध्यम स्तर के कर्मचारी: जिन अधिकारियों या कर्मचारियों का मूल वेतन ₹56,000 के आसपास है, उनके महंगाई भत्ते में हर महीने करीब ₹1,683 की सीधी वृद्धि दर्ज की जाएगी। इन्हें चार महीने के एरियर के रूप में ₹6,732 का अतिरिक्त नकद भुगतान किया जाएगा।
वरिष्ठ स्तर के अधिकारी: उच्च प्रशासनिक पदों और वरिष्ठ वेतनमान वाले अधिकारियों का मूल वेतन ₹1,00,000 या उससे अधिक होने पर, उनके वेतन में ₹3,000 से लेकर ₹7,000 प्रति माह तक का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा तोहफा

उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के लिए यह सप्ताह दोहरी खुशियां लेकर आया है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि करने से ठीक पहले अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए ‘तदर्थ बोनस’ (Ad-hoc Bonus) की भी घोषणा की थी। इस प्रकार, एक हफ्ते के भीतर ही धामी सरकार ने कर्मचारियों को दो बड़े वित्तीय लाभ देकर उनके त्योहार को पूरी तरह से रोशन कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस त्वरित और कल्याणकारी फैसले का पुरजोर स्वागत किया है और सचिवालय से लेकर विकासखंड स्तर तक सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

राजकोष पर पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय भार

इस व्यापक बढ़ोतरी से उत्तराखंड के राजकोष पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ना तय है। पर्वतीय राज्य होने के नाते उत्तराखंड के पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं, इसके बावजूद धामी सरकार ने कर्मचारियों के जीवन स्तर और उनकी आवश्यकताओं को सर्वोपरि रखा है। वित्त विभाग के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इसके लिए पहले ही बजटीय प्रावधानों को संतुलित कर लिया था, ताकि त्योहार के समय एरियर और बढ़े हुए वेतन का भुगतान बिना किसी तकनीकी या वित्तीय अड़चन के सीधे कर्मचारियों के खातों में ससमय किया जा सके।

कर्मचारी कल्याण की दिशा में मजबूत कदम

दीपावली के ऐन पहले लिया गया यह निर्णय धामी सरकार की प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है। महंगाई के इस दौर में 3 फीसदी की यह वृद्धि कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जिससे वे अपने परिवार के साथ त्योहारों का आनंद और अधिक उत्साह से ले सकेंगे। सरकार का यह कदम आने वाले समय में राज्य के कार्यबल की कार्यक्षमता और उनके मनोबल को बढ़ाने में निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगा।

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