Meta में बड़े स्तर पर छंटनी, पहले चरण में 8,000 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
दुनिया की प्रमुख टेक कंपनी Meta Platforms ने इस साल बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 20 मई से छंटनी का पहला चरण शुरू करने जा रही है। इस फैसले का असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ने वाला है, जिससे टेक सेक्टर में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
पहले चरण में 10% कर्मचारियों की होगी छंटनी
सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में कंपनी अपने वैश्विक वर्कफोर्स का लगभग 10% हिस्सा कम करेगी। इसका मतलब है कि करीब 8,000 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ सकता है। यह कदम कंपनी की लागत घटाने और संचालन को अधिक कुशल बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
Facebook और Instagram पर असर
Meta के अंतर्गत आने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram पर भी इस छंटनी का प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन विभागों में ज्यादा कटौती होगी, लेकिन टेक, मार्केटिंग और ऑपरेशंस टीमों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
साल के दूसरे हिस्से में और छंटनी की तैयारी
सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि यह केवल शुरुआत है। कंपनी इस साल के दूसरे भाग (दूसरी छमाही) में भी अतिरिक्त छंटनी कर सकती है। हालांकि इन कटौतियों की संख्या, समय और प्रभावित क्षेत्रों को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
क्यों ले रहा है Meta यह कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि Meta का यह फैसला कई कारणों से प्रेरित है। कंपनी खर्च में कटौती करना चाहती है, डिजिटल विज्ञापन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, AI और नई तकनीकों में निवेश के लिए संसाधन जुटाने की जरूरत और वैश्विक आर्थिक दबाव और मंदी की आशंका के चलते यह कदम उठाया जा रहा है।
टेक सेक्टर में छंटनी का ट्रेंड जारी
Meta का यह कदम अकेला नहीं है। पिछले कुछ समय में कई बड़ी टेक कंपनियां लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि टेक इंडस्ट्री फिलहाल एक पुनर्गठन (restructuring) के दौर से गुजर रही है।इस खबर के बाद Meta के कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल है। कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है, खासकर उन टीमों में जहां पहले से ही प्रदर्शन का दबाव ज्यादा है।
Tech इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ख़बर
Meta की यह छंटनी योजना इस साल टेक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है। जहां एक ओर कंपनी अपने भविष्य को मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों कर्मचारियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में इस फैसले का असर पूरे टेक सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।
दुनिया भर की बड़ी MNCs में शुरू Layoffs का दौर
दुनिया भर की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) का दौर शुरू हो गया है। इस ट्रेंड में सबसे बड़ा नाम Meta Platforms का है, जिसने अपने हजारों कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई है। यह संकेत देता है कि 2026 में भी टेक सेक्टर पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। Meta के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram पर भी इस छंटनी का असर पड़ सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन विभागों में सबसे ज्यादा कटौती होगी, लेकिन टेक, विज्ञापन और ऑपरेशनल टीमों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
अन्य बड़ी कंपनियां भी इसी राह पर चल रही हैं। Google ने हाल के महीनों में अपने कई विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाई है, खासकर HR और क्लाउड सेक्टर में। कंपनी अब ज्यादा कुशल और तकनीक-आधारित कार्यप्रणाली पर जोर दे रही है।इसी तरह Amazon ने भी अपने ई-कॉमर्स और क्लाउड बिजनेस में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी का उद्देश्य अपने खर्च को कम करना और लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाना है, जिसके लिए वह अपने ऑपरेशंस को छोटा और प्रभावी बना रही है।
Microsoft और X Corp ने की Restructuring
Microsoft ने भी AI में बड़े निवेश के साथ-साथ पारंपरिक भूमिकाओं में कटौती की है। कंपनी अब उन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है जहां भविष्य में ज्यादा ग्रोथ की संभावना है, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग। वहीं X Corp में एलन मस्क के अधिग्रहण के बाद से लगातार restructuring चल रही है, जिसके तहत पहले ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों को निकाला जा चुका है। यह बदलाव कंपनी के बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से नया रूप देने की दिशा में किया जा रहा है।
ऑटोमेशन और मंदी बनी वजह
इन सभी छंटनियों के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता उपयोग है, जिससे कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ अधिक काम करने में सक्षम हो रही हैं। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक दबाव और लागत में कटौती की जरूरत भी कंपनियों को ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर कर रही है। कोविड-19 महामारी के दौरान कंपनियों ने बड़े पैमाने पर भर्ती की थी, लेकिन अब वही ओवरहायरिंग उनके लिए बोझ बन गई है। इसलिए कंपनियां अब अपनी वर्कफोर्स को संतुलित करने के लिए छंटनी का सहारा ले रही हैं।
कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता का दौर
इसका सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। नौकरी की असुरक्षा बढ़ गई है और कर्मचारियों पर नई स्किल्स सीखने का दबाव बढ़ रहा है। कई लोग अब फ्रीलांस और गिग इकॉनमी की ओर भी रुख कर रहे हैं, ताकि वे बदलते जॉब मार्केट में खुद को बनाए रख सकें। कुल मिलाकर, Meta और अन्य बड़ी MNCs में हो रही छंटनी यह दर्शाती है कि टेक इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। जहां कंपनियां भविष्य की तकनीकों में निवेश कर रही हैं, वहीं कर्मचारियों के लिए यह समय अनिश्चितता और चुनौतियों से भरा हुआ है।
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